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Thursday, 10 September, 2026
होमदेशरेड फोर्ट ब्लास्ट के आरोपी ने हमलों के लिए UP विधानसभा और योगी के ऑफिस की रेकी की थी: NIA चार्जशीट

रेड फोर्ट ब्लास्ट के आरोपी ने हमलों के लिए UP विधानसभा और योगी के ऑफिस की रेकी की थी: NIA चार्जशीट

एजेंसी ने आरोप पत्र में कहा है कि लखनऊ में लोक भवन, बापू भवन और विधानसभा की पहचान नए लक्ष्यों के रूप में डॉ. मुजम्मिल शकील गनी और उनकी पत्नी डॉ. शाहीन सईद ने की थी.

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नई दिल्ली: पिछले साल दिल्ली के लाल किले के बाहर हुए धमाके के दो मुख्य आरोपियों ने भविष्य में हमलों के लिए नए ठिकानों की पहचान करने के मकसद से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानसभा, बापू भवन और लोक भवन की रेकी की थी. ये सभी उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख इमारतें हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी चार्जशीट में यह आरोप लगाया है. एजेंसी ने दिल्ली की एक विशेष NIA अदालत के सामने कहा कि नए ठिकानों की पहचान डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनी और उनकी पत्नी डॉक्टर शाहीन सईद ने की थी.

लोक भवन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यालय है. वहीं, बापू भवन में राज्य सरकार के कई विभागों के कार्यालय हैं.

एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में नामजद 13 आरोपियों में से मारे गए आत्मघाती हमलावर डॉक्टर उमर उन नबी, गनी और सईद की कोशिश हमेशा अपने आतंकी मॉड्यूल का दायरा बढ़ाने और छात्रों और डॉक्टरों के बीच नए लोगों को भर्ती करने की रही. नबी, डॉक्टर मुजम्मिल शकील और उनकी पत्नी डॉक्टर शाहीन सईद के अलावा अल-फलाह मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी सदस्य, शोपियां के रहने वाले मौलवी इरफान अहमद वागे और नूंह निवासी सोयाब भी चार्जशीट में नामजद हैं. सोयाब को नबी को छिपाने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

10 नवंबर, 2025 को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धमाका करने वाली विस्फोटकों से भरी कार में नबी मौजूद था. NIA ने पाया कि इस मॉड्यूल के सदस्यों ने कई नए लोगों को अपने साथ जोड़ा था और विस्फोटकों और केमिकल के साथ प्रयोग किए थे.

एजेंसी के मुताबिक, मॉड्यूल के सदस्य अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से प्रभावित थे और अब खत्म हो चुके इस संगठन को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे.

एजेंसी ने चार्जशीट में कहा, “जांच में सामने आया कि A-1 (नबी) और A-4 (गनी) अपने AGuH इंटरिम ग्रुप को मजबूत करने के लिए संभावित लोगों को प्रभावित करने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने की कोशिश में हमेशा लगे रहते थे. A-1, A-4 और A-6 (सईद) ने भी इसी मकसद से छात्रों और साथी डॉक्टरों के बीच संभावित लोगों को निशाना बनाया.”

NIA के मुताबिक, इसी मकसद के तहत गनी ने अपने एक करीबी परिचित को उनके सीमित लोगों वाले Signal चैट ग्रुप में शामिल किया. एजेंसी ने आरोप लगाया, “उसने (गनी) उक्त सदस्य की मदद से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के अलावा हरियाणा के धौज में भी AGuH का आधार बढ़ाने की कोशिश की. लखनऊ में A-4 (गनी) और A-6 (सईद) ने ऊपर बताए गए व्यक्ति के साथ मिलकर विधानसभा, बापू भवन और लोक भवन की भविष्य में हमले के संभावित ठिकानों के तौर पर रेकी की.” एजेंसी ने यह भी दर्ज किया कि लखनऊ में जिन जगहों पर गनी गया था, वहां उसने कच्चे माल की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली.

जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि धमाके में ट्राइएसीटोन ट्राइपेरॉक्साइड (TATP) विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था. यह एक बहुत संवेदनशील प्राथमिक विस्फोटक है और दूसरे केमिकल के साथ मिलाए जाने पर यह ज्यादा अस्थिर हो जाता है. एजेंसी ने आरोप लगाया कि गनी ने लखनऊ में TATP तैयार करने के लिए प्रयोग करने की कोशिश भी की और दुकानों से इसके लिए जरूरी कच्चा माल हासिल करने की कोशिश की.

एजेंसी ने चार्जशीट में कहा, “लखनऊ में रहते हुए उन्होंने बाजार में आसानी से मिलने वाले एसीटोन और TATP तैयार करने के लिए दूसरे कच्चे माल की भी तलाश की. इसी मकसद से A-4 ने लखनऊ की कई केमिकल दुकानों में हाइड्रोजन पेरॉक्साइड और एसीटोन की उपलब्धता के बारे में पूछा.”

एजेंसी ने चार्जशीट में आरोप लगाया कि यह सब लखनऊ में एक और AGuH इंटरिम बेस बनाने के मकसद से किया गया था, जैसा उनका बेस फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में था.

दिल्ली की अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 103(1) (हत्या), 109(1) (हत्या की कोशिश) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया है. इसके अलावा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 16 और 18 भी लगाई गई हैं, जो आतंकी गतिविधियों और उनकी साजिश से जुड़े अपराधों से संबंधित हैं. एजेंसी ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धाराएं भी लगाई हैं. अब मामला आरोप तय करने पर दलीलें पेश किए जाने के चरण में पहुंच गया है. जांच के तहत गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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