अयोध्या: समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान गबन मामले को गंभीर अपराध बताते हुए इसे “डकैती” करार दिया. उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा देने के लिए विशेष कानून बनाया जाना चाहिए.
प्रसाद ने कहा, “इस्तीफों का कोई मतलब नहीं है. राम मंदिर का चढ़ावा चुराना सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि डकैती है. इस घटना से भगवान राम के मंदिर की पवित्रता पर दाग लगा है और अयोध्या के लोगों की छवि भी खराब हुई है.”
उन्होंने कहा कि इस मामले के जिम्मेदार लोगों को सामान्य सजा नहीं मिलनी चाहिए. “जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें सजा देने के लिए विशेष कानून बनाया जाना चाहिए, ताकि इतिहास इसे भगवान राम के मंदिर में हुई डकैती के रूप में याद रखे.”
इस बीच राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जब इस मामले पर सवाल उठे, तो मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी थी कि निष्पक्ष जांच कराई जाए.
उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि जांच चल रही है. मुख्यमंत्री ने एसआईटी का गठन किया है और इसी जांच के दौरान गिरफ्तारियां भी हुई हैं.”
साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा, “कार्रवाई की जा रही है और मुझे पूरा विश्वास है कि सच्चाई सामने आएगी. यह करोड़ों लोगों की आस्था का मामला है. जिसने भी यह गंभीर पाप किया है, उसके खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.”
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर योगी आदित्यनाथ केंद्रीय एजेंसी से भी जांच कराने का आदेश दे सकते हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल विशेष जांच दल (SIT) की जांच में ही गिरफ्तार लोगों से जुड़े कई तथ्य सामने आ रहे हैं.
उन्होंने कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री के पास केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने का अधिकार है. लेकिन अभी एसआईटी की जांच के कारण ही गिरफ्तार लोगों से जुड़े खुलासे हो रहे हैं.”
साध्वी निरंजन ज्योति ने राजनीतिक आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि बिना सबूत मोहन भागवत या प्रधानमंत्री पर आरोप लगाना सही नहीं है.
उन्होंने कहा, “मांग इस बात की होनी चाहिए कि जो भी गड़बड़ियां हुई हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई हो. लेकिन बिना तथ्यों के मोहन भागवत या प्रधानमंत्री पर आरोप लगाना उचित नहीं है. ऐसे राजनीतिक सवालों का मेरे पास कोई जवाब नहीं है.”