(शीर्षक और इंट्रो में बदलाव के साथ)
मुंबई, 10 अप्रैल (भाषा) मुंबई के उपनगर मलाड में पिछले महीने के अंत में रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव करने के मामले में आपराधिक साजिश जुड़ी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा लगाई गई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मलाड के मालवानी इलाके में 30 मार्च को हुई घटना के सिलसिले में अब तक 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि 200 से अधिक लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हिंसा की घटना की जांच कर रही मालवानी पुलिस की एक टीम ने आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के एक अधिकारी और मालवानी पुलिस थाने के एक अन्य पुलिसकर्मी के बयान दो अप्रैल को दर्ज किये।
उन्होंने कहा कि दोनों पुलिसकर्मियों ने अपने-अपने बयान में पुलिस को बताया कि गिरफ्तार और वांछित लोगों सहित आरोपी व्यक्तियों ने जानबूझकर तथा इरादतन हिंसा की साजिश रची थी।
अधिकारी ने बताया कि वे लोग गैरकानूनी रूप से एकत्र नहीं होने के आदेशों का उल्लंघन करते हुए एक मस्जिद के निकट बैठे और अपराध की साजिश रची।
उन्होंने बताया कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के बाद दो अप्रैल को मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 (बी) (आपराधिक साजिश के लिए दंड) जोड़ी गई।
इससे पहले, पुलिस ने आईपीसी की धारा 353 (एक लोकसेवक को उसके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने के लिए हमला करना या प्रतिरोध करना), 324 ( खतरनाक हथियारों से स्वेच्छा से नुकसान पहुंचाना), 145 (गैरकानून एकत्र होना), 147 ( दंगा करना) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबद्ध धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस के एक अधिकारी ने पूर्व में बताया था कि मालवानी इलाके में मस्जिदों के आसपास से शोभायात्रा के गुजरने के दौरान उसमें तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर विवाद होने पर 30 मार्च को तनाव पैदा हुआ था।
प्राथमिकी के अनुसार, 6,000 से अधिक लोगों ने रामनवमी की शोभायात्रा में भाग लिया था, जिसका आयोजन बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों ने किया था।
शोभायात्रा दोपहर में राम जानकी मंदिर से शुरू हुई थी।
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