नई दिल्ली: अयोध्या बार एसोसिएशन ने फैसला किया है कि राम मंदिर दान चोरी मामले में किसी भी आरोपी की ओर से कोई वकील पैरवी नहीं करेगा. यदि कोई अधिवक्ता यह मामला लड़ता है, तो एसोसिएशन उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की योजना बना रही है.
अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने एएनआई से कहा, “चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी. यह भी तय किया गया है कि मामले की सीबीआई जांच की मांग की जाएगी. जरूरत पड़ने पर अयोध्या अधिवक्ता संघ अपने खर्च पर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएगा.”
अयोध्या बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजेश कुमार उपाध्याय ने दिप्रिंट से कहा, “जिन लोगों को जेल भेजा गया है, वे ड्राइवर या सफाईकर्मी हैं. वे दोषी नहीं हैं. असली आरोपी चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें बचा रहा है.”
एसोसिएशन ने यह भी तय किया है कि चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175 के तहत कार्रवाई शुरू करने की संभावनाएं तलाशेगा. यह धारा न्यायिक मजिस्ट्रेट को पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और संज्ञेय अपराध की जांच करने का आदेश देने का अधिकार देती है.
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ बनाए जाने की अटकलों पर उपाध्याय ने कहा, “जब कारसेवकों पर गोली चलाई गई थी, तब वह सरकार में मुख्य सचिव थे. हमें सुनने में आ रहा है कि सरकार उन्हें सीईओ बनाने पर विचार कर रही है. हम इसका भी विरोध करेंगे. हम ऐसा नहीं होने देंगे.”
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