जयपुर, 21 अप्रैल (भाषा) राजस्थान संस्कृत अकादमी ने वेदाश्रम योजना के तहत राज्य का पहला बालिका वेद आश्रम जसवंतगढ़ में खोला है।
अकादमी की अध्यक्ष डॉ. सरोज कोचर ने बताया कि वेद आश्रम योजना के अंतर्गत किए गए नवाचार में राज्य का पहला बालिका वेद आश्रम जसवंतगढ़ में खोला गया है जहां बालिकाएं नियमित गुरुकुल पद्धति के अनुसार वेद अध्ययन कर रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह वैदिक और सनातन संस्कृति के एक नए युग का प्रारंभ है और बजट घोषणा-वर्ष 2023-24 के अनुसार 13 जिलों में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत वेदाश्रम खोलने की प्रक्रिया चल रही है।’’
कोचर ने कहा कि अकादमी ने राज्य के 19 जिलों में संचालित वेदाश्रम योजना के संवर्धन हेतु नवाचार के तहत ‘‘श्रेष्ठ वेदाश्रम विद्यार्थी पुरस्कार प्रशस्ति योजना’’ के अंतर्गत पहले पुरस्कारों की घोषणा की है ।
इसके तहत संस्थाओं में श्री कल्लाजी वेद पीठ एवं शोध संस्थान निंबाहेड़ा को पंडित नवल किशोर कांकर वेद- वेदांग पुरस्कार, श्री नरवर आश्रम सेवा समिति (खोले के हनुमान जी) को भारती मिश्रा पुरस्कार, ब्रह्म ज्ञान संस्कृत शिक्षा परमार्थ सेवा संस्थान (घाटारानी, भीलवाड़ा) के छात्र गोविंद शर्मा और शिव प्रकाश शर्मा को बिहारी पुरस्कार और मोहरी देवी तापड़िया वेद विद्यालय जसवंतगढ़ के छात्र मंजीत शर्मा को पंडित पन्नालाल जोशी पुरस्कार दिया जाएगा ।
यह पुरस्कार वेद अध्ययन में नवाचार, विज्ञान-प्रौद्योगिकी तकनीकी, शोध, अनुसंधान, नैतिक शिक्षा के प्रसार, उच्चारण, हस्त संचलन और दक्षता के आधार पर प्रतिवर्ष अकादमी अवार्ड के साथ प्रदान किए जाएंगे।
भाषा पृथ्वी नरेश मनीषा
मनीषा
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