जयपुर, 22 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में पहले चरण का मतदान बृहस्पतिवार को हुआ। मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला और कई मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि कुछ गांवों में लोगों ने स्थानीय मांगों व शिकायतों के चलते मतदान का बहिष्कार भी किया।
अधिकारियों ने बताया कि शाम छह बजे तक कुल मिलाकर 63 प्रतिशत मतदान हुआ। हालांकि अंतिम आंकड़े अभी आने हैं।
राज्य में हाल ही में हुए नगर निकाय चुनाव के बाद पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव हो रहे हैं। इन चुनाव को राज्य में 2028 के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के लिए अपनी ताकत परखने का बड़ा मौका माना जा रहा है।
दोनों ही दल जमीनी स्तर पर अपना समर्थन मजबूत करने और ग्रामीण इलाकों में अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
राज्य के 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के सदस्यों के निर्वाचन के लिए 16 जिलों में मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ।
राज्य में मतदान वाले कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता वोट डालने पहुंचे। वहीं कुछ गांवों में प्रशासन और स्थानीय विकास से जुड़ी शिकायतों के कारण लोगों ने इस मतदान का बहिष्कार किया।
कोटा जिले के सिनोता ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले चकटोडी टोडीखेड़ली गांव के लोगों ने मतदान में भाग नहीं लिया। वे इस गांव को लगभग 11 किलोमीटर दूर की ग्राम पंचायत में शामिल किए जाने का विरोध कर रहे थे।
ग्रामीण कृष्ण मीणा के अनुसार उनका गांव पहले ढिपरी चंबल ग्राम पंचायत का हिस्सा था लेकिन अब इसे सिनोता में शामिल कर दिया गया। इससे आम लोगों, खासकर बुजुर्गों को काफी परेशानी हो रही है।
पाली जिले में रानी पंचायत समिति के डूठारिया गांव और सोजत पंचायत समिति के नेपावास गांव के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। सोजत पंचायत समिति के वार्ड नंबर तीन के एक बूथ पर भी वोट नहीं डाले।
इसी तरह जोधपुर जिले के खिरजा मंगल सिंह नगर के निवासियों ने अपनी स्थानीय समस्याओं को लेकर मतदान का बहिष्कार किया।
राजसमंद जिले में एक मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में तकनीकी खराबी आने से मतदान कुछ देर के लिए बाधित रहा।
अधिकारियों ने खराब मशीन को बदल दिया और सुबह करीब आठ बजे मतदान फिर से शुरू हो गया।
पहले चरण में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के लिए मतदान हुआ। जिला परिषदों और पंचायत समितियों के सदस्यों का चुनाव करने के लिए 85 लाख से अधिक मतदाता पात्र थे।
राज्य में कुल 41 जिला परिषदों और 457 पंचायत समितियों के चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। इसके अलावा, 14403 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच के चुनाव भी होने हैं।
पहले चरण में 2,081 सीटों के लिए कुल 6,976 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें जिला परिषद के 293 वार्ड और पंचायत समिति के 1,788 वार्ड शामिल हैं।
पहले चरण में अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, कोटा, नागौर, पाली, फलोदी, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर जिलों में मतदान हुआ।
यहां जिला परिषद की 293 सीट के लिए 1,693 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि पंचायत समिति की 1,788 सीट के लिए 5,283 उम्मीदवार मैदान में हैं।
जिला परिषदों में सबसे अधिक 28 वार्ड भीलवाड़ा में हैं। इसके बाद उदयपुर में 25, बाड़मेर में 24 और जयपुर में 22 वार्ड हैं।
जिला परिषद की सीटों के लिए जयपुर में सबसे अधिक 154 उम्मीदवार हैं। इसके बाद बीकानेर में 138 और अलवर तथा जोधपुर में 133-133 उम्मीदवार मैदान में हैं।
पंचायत समिति चुनावों में नागौर में सबसे अधिक 470 उम्मीदवार हैं। इसके बाद बाड़मेर में 467 और भीलवाड़ा में 466 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
दूसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए 28 अक्टूबर को मतदान होगा।
भाषा पृथ्वी संतोष
संतोष
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.