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Monday, 19 October, 2026
होमदेशRAF प्रमुख ने माना—प्रदर्शनकारियों पर ‘अत्यधिक बल’ का इस्तेमाल, पैलेट गन; इलेक्ट्रिक शॉक हथियारों पर रोक

RAF प्रमुख ने माना—प्रदर्शनकारियों पर ‘अत्यधिक बल’ का इस्तेमाल, पैलेट गन; इलेक्ट्रिक शॉक हथियारों पर रोक

समीक्षा बैठक में RAF प्रमुख ने प्रदर्शन के दौरान बल के इस्तेमाल पर 'गहरी नाराजगी' जताई. उन्होंने कहा कि समीक्षा में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं, जिन्हें जल्द ठीक करना होगा.

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नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को जानबूझकर गिराने और आंदोलन से अलग खड़े लोगों पर भी हमला करने वाले सोशल मीडिया वीडियो का संज्ञान लेते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की प्रमुख ने मौके पर तैनात जवानों और उनके अधिकारियों को फटकार लगाई है. दिप्रिंट को सूत्रों से यह जानकारी मिली है.

सूत्रों के मुताबिक, RAF की इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) सीमा धुंधिया ने जवानों और अधिकारियों से कहा कि “ज़रूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल सही नहीं है” और किसी भी स्थिति में बल का इस्तेमाल चरणबद्ध (ग्रेडेड) तरीके से किया जाना चाहिए.

इसके अलावा उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जवानों को बताया कि RAF मुख्यालय ने दिल्ली में तैनाती के दौरान Projectile Attack Gun (PAG या पैलेट गन), इलेक्ट्रिक हथियार और इलेक्ट्रिक शील्ड के इस्तेमाल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है.

यह कड़ी फटकार बुधवार को RAF प्रमुख सीमा धुंधिया की अध्यक्षता में हुई एक वर्चुअल बैठक में दी गई. बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को मीडिया के सामने कोई बयान देने से भी मना किया.

सोमवार को हुए ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने, यहां तक कि पैलेट गन चलाने के आरोपों के बाद RAF समेत सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सवाल उठे थे.

हालांकि, अधिकारियों ने पैलेट गन इस्तेमाल करने से इनकार किया है, लेकिन दिप्रिंट ने अस्पताल से मिली पुष्टि के आधार पर खबर दी थी कि कम से कम तीन लोगों का इलाज ऐसी चोटों के लिए चल रहा है, जो पैलेट गन से लगी दिखाई पड़ती हैं.

बैठक के बारे में एक अधिकारी ने बताया, “IG ने साफ कहा कि 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भीड़ नियंत्रण के दौरान बल इस्तेमाल करने का तरीका तय मानकों और RAF की ट्रेनिंग के अनुसार नहीं था. उन्होंने निर्देश दिया कि हर अधिकारी और जवान भीड़ की स्थिति और हालात का सही आकलन करते हुए ‘Use of Force’ के तय नियमों का सख्ती से पालन करे.”

अधिकारी ने कहा कि सभी यूनिट कमांडरों को अपने जवानों को सख्त निर्देश देने चाहिए कि लाठीचार्ज, आंसू गैस और भीड़ नियंत्रण के अन्य तरीकों का इस्तेमाल केवल ज़रूरत के अनुसार और चरणबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक या ज़रूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल न हो.

अधिकारी ने बताया, “IG ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो में RAF के जवान भीड़ से अलग लोगों पर भी अनावश्यक बल इस्तेमाल करते, लोगों को जानबूझकर गिराते और बैरिकेड पार कर रहे लोगों को मारते हुए दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि ऐसा व्यवहार RAF की कार्य संस्कृति और छवि के खिलाफ है और किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता.”

उन्होंने आगे कहा, “IG ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दिल्ली में मौजूदा तैनाती के दौरान PAG, एंटी-रायट गन (ARG), इलेक्ट्रिक शॉक हथियार और इलेक्ट्रिक शील्ड का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और न ही जवानों को दिए जाएंगे.”

इस बीच, सोमवार के मार्च के बाद CRPF ने दिल्ली में अपनी तैनाती बढ़ा दी और एक दर्जन से ज्यादा कंपनियों को हवाई रास्ते से राजधानी भेजा.

‘दिल्ली के लिए अलग तरीका अपनाना होगा’

समीक्षा बैठक में IG सीमा धुंधिया ने यह भी कहा कि सोमवार को RAF की हर कंपनी की तैनाती और उसकी वास्तविक ताकत से जुड़ी पूरी जानकारी सेक्टर मुख्यालय तक नहीं पहुंची थी. उस दिन CRPF ने RAF की 14 कंपनियां तैनात की थीं.

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जम्मू-कश्मीर जैसे विशेष अभियान क्षेत्रों से हाल ही में आए जवानों को तुरंत दिल्ली में भीड़ नियंत्रण की ड्यूटी पर न लगाया जाए, क्योंकि दोनों जगहों की परिस्थितियां और काम करने का तरीका अलग है.

एक अधिकारी ने बताया, “IG ने कहा कि जम्मू-कश्मीर या अन्य ऑपरेशन वाले इलाकों से आने वाले जवान अलग माहौल में काम करते हैं. लेकिन दिल्ली, बिहार, असम और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग और संतुलित तरीका अपनाने की जरूरत होती है.”

इसी वजह से ऐसे जवानों को RAF की कार्यप्रणाली, भीड़ नियंत्रण के सिद्धांतों और ‘संवेदनशील पुलिसिंग’ की पूरी ट्रेनिंग दिए बिना फील्ड ड्यूटी पर नहीं लगाया जाएगा.

सूत्रों के मुताबिक, सीमा धुंधिया ने जंतर-मंतर पर हाल में हुए प्रदर्शन के दौरान RAF के कामकाज पर गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि उस दिन की समीक्षा में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं, जिन्हें भविष्य में हर हाल में सुधारना होगा.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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