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Saturday, 25 April, 2026
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निजी स्कूल किताबें और वर्दी खरीदने के लिए विक्रेता तय नहीं कर सकते: दिल्ली सरकार

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नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) दिल्ली सरकार ने बुधवार को निजी गैर-सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को निर्देश दिया कि वे विद्यार्थियों या अभिभावकों को विशिष्ट विक्रेताओं से पुस्तकें, लेखन सामग्री या वर्दी खरीदने के लिए बाध्य न करें।

सरकार ने दोहराया कि परिवारों को इन वस्तुओं को खरीदने के लिए अपनी पसंद की स्वतंत्रता होनी चाहिए।

शिक्षा निदेशालय ने बुधवार को बताया कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम और नियम (डीएसईएआर), 1973 और दिल्ली बाल शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 के प्रावधानों के तहत यह निर्देश उन शिकायतों के मद्देनजर जारी किया गया है कि कुछ स्कूल अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से शैक्षिक सामग्री खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

आदेश के अनुसार, विद्यालयों को अभिभावकों को कक्षावार पुस्तकों, लेखन सामग्री और वर्दी संबंधी स्पष्ट सूचियां पारदर्शी तरीके से उपलब्ध करानी होंगी, साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि खुले बाजार में खरीदारी के कई विकल्प उपलब्ध हों। निदेशालय ने बताया कि निजी गैर-सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूल धर्मार्थ संस्थाओं के रूप में ‘लाभ-हानि’ के आधार पर संचालित होते हैं इसलिए व्यवसायीकरण या अभिभावकों पर वित्तीय बोझ डालने वाली किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं है।

भाषा जितेंद्र रंजन

रंजन

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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