नैनीताल, 27 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व में दिए अपने आदेश का पालन करने न करने के लिए प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम को 19 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकल पीठ ने इस संबंध में दायर एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए।
यह अवमानना याचिका देहरादून निवासी अनिल बलूनी तथा अन्य ने दायर की है जिसमें कहा गया है कि 18 फरवरी, 2026 को अदालत ने पिटकुल के प्रबंध निदेशक की नियुक्ति रदद कर दी थी और राज्य सरकार को उत्तराखंड प्रबंध निदेशक एवं निदेशकों के चयन एवं नियुक्ति प्रक्रिया निर्धारण नियम, 2021 के अनुसार इस मामले पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था।
हालांकि, अभी तक उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया गया है। उच्च न्यायालय ने अपने पूर्व आदेश में प्रकाश चंद्र ध्यानी की पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के प्रबंध निदेशक पद पर नियुक्ति को निर्धारित नियमों के विपरीत बताते हुए रद्द कर दिया था।
न्यायालय ने पाया था कि नियुक्ति में 2021 के नियम 9-ए का उल्लंघन हुआ जिसके तहत इस पद के लिए इंजीनियरिंग स्नातक योग्यता आवश्यक है। ध्यानी के पास कथित तौर पर यह योग्यता नहीं है ।
अदालत ने यह भी कहा था कि सरकार इस मामले पर पुनर्विचार करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन कोई भी नया निर्णय 2021 के नियमों के सख्त अनुपालन में होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि नियमों के तहत दोबारा छूट दी जाती है, तो सरकार को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि योग्यताओं को समकक्ष कैसे माना जा रहा है।
भाषा सं दीप्ति संतोष
संतोष
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