कोलकाता, 31 अक्टूबर (भाषा) कोलकाता पोर्ट के विधायक और तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता फिरहाद हकीम के चार मई से लापता होने का दावा करने वाले पोस्टर शनिवार को उनके विधानसभा क्षेत्र के कुछ हिस्सों में दिखाई दिए। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
अज्ञात लोगों द्वारा अंग्रेजी और हिंदी में लिखे गए ये पोस्टर कोलकाता पोर्ट क्षेत्र के गार्डन रीच और मेटियाब्रुज इलाकों में दीवारों और बिजली के खंभों पर लगाए गए हैं।
पोस्टरों पर लिखा है, ‘‘कोलकाता पोर्ट के विधायक फिरहाद हकीम चार मई से लापता हैं।’’
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब कुछ दिन पहले इसी इलाके में कोलकाता के पूर्व महापौर हकीम को ‘‘गद्दार’’ बताने वाले पोस्टर लगाए गए थे।
नए पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक रुद्रनील घोष ने कहा कि वह यह नहीं बता सकते कि हकीम घर पर बैठकर ‘‘नोट गिन रहे हैं’’ या किसी अन्य गतिविधि में व्यस्त हैं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस धड़े में शामिल होने के बाद हकीम के प्रति जनधारणा खराब हुई है।
घोष ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह पोर्ट क्षेत्र या उन इलाकों का दौरा क्यों नहीं कर रहे हैं। शायद उन्हें किसी बात की आशंका है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के निर्वाचित नेताओं के प्रति लोगों में नाराजगी है और उसके नेता अब जनता का सामना करने में सहज महसूस नहीं करते।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि नयी सरकार के तहत अब लोगों को चुप रहने के लिए डराया-धमकाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक माहौल में नागरिक अब अपनी शिकायतें जाहिर कर सकते हैं और अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों से सवाल पूछ सकते हैं।
हकीम को कभी ममता बनर्जी के सबसे करीबी सहयोगियों और उनके आंतरिक राजनीतिक समूह के प्रमुख सदस्यों में से एक माना जाता था।
हालांकि, राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक परिदृश्य बदल गया है। हकीम ममता बनर्जी से दूर होकर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे के साथ जुड़ गए हैं।
भाषा
राखी नेत्रपाल
नेत्रपाल
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