नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक बाजार से अपहृत डेढ़ साल के बच्चे को पांच दिन की तलाश के बाद सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और कथित अपरहरणकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी के मुताबिक, 19 अप्रैल को बच्चे की मां ने पुलिस को सूचित किया कि उसके बच्चे का शाम करीब सात बजे चांदनी चौक बाजार से अपहरण कर लिया गया।
उत्तर दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजा बांठिया ने बताया, “तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई और बच्चे का पता लगाने एवं दोषियों की पहचान करने के लिए कई टीम गठित की गईं।”
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान टीम ने चांदनी चौक और आसपास के इलाकों में लगे कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।
बांठिया के अनुसार, फुटेज के विश्लेषण से पता चला कि इस घटना में एक पुरुष और एक महिला शामिल थे, जिन्हें दिन भर इलाके में घूमते हुए देखा गया था और अंततः शाम को उन्होंने बच्चे का अपहरण कर लिया था।
उन्होंने बताया कि संदिग्ध सुबह से ही बच्चों की तलाश में घूम रहे थे और इस बच्चे का अपहरण करने से पहले उन्होंने अन्य बच्चों को भी अगवा करने की कोशिश की थी।
बांठिया ने बताया, “एक टीम ने लगातार पांच दिनों तक अलग-अलग जगहों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करके संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया। अंततः पुलिस टीम को कुछ सुराग मिले, जिनके आधार पर वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास इलाके पहुंची।”
उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल को पुलिस ने आरोपियों में से एक मोहम्मद फिरोज (32) को खजूरी खास इलाके से गिरफ्तार कर लिया, जो पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी का रहने वाला है।
बांठिया ने बताया कि अपहृत बच्चे को भी इलाके में स्थित किराये के एक मकान से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान फिरोज ने खुलासा किया कि वह ई-रिक्शा चलाता है और हाल में कश्मीरी गेट स्थित हनुमान मंदिर के पास काली नाम की एक महिला के संपर्क में आया था।
पुलिस के मुताबिक, फिरोज ने बताया कि काली ने उसे आसानी से पैसा कमाने का लालच देकर बहलाया और बच्चों के अपहरण में शामिल होने के लिए राजी किया।
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन दोनों आरोपियों ने भीड़भाड़ वाले बाजार में अकेले घूम रहे बच्चों को निशाना बनाया।
डीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने दो-तीन बच्चों को अगवा करने की कोशिश की, लेकिन उनके माता-पिता की सतर्कता के कारण वे असफल रहे, हालांकि, वे इस बच्चे को खाने की चीज का लालच देकर अगवा करने में सफल हो गए।
उन्होंने कहा, “फिरोज ने पुलिस को बताया कि महिला ने बच्चे को कुछ दिनों तक अपने पास रखने के लिए उसे 20,000 रुपये देने का वादा किया था, जिसके बाद उसका इरादा बच्चे को किसी खरीदार को बेचने का था।”
डीसीपी ने बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी ने कई ई-रिक्शा बदले और संकरी गलियों से गया, फिर बच्चे को अपने साथी के किराये के कमरे में छिपा दिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास है और वह पहले भी चोरी एवं शस्त्र अधिनियम से संबंधित नौ मामलों में शामिल रहा है।
उसने बताया कि फिरोज दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज तीन मामलों में भगोड़ा अपराधी है।
पुलिस के मुताबिक, फरार महिला आरोपी को पकड़ने और यह पता लगाने के प्रयास जारी हैं कि कहीं दोनों आरोपी किसी बड़े बाल तस्करी गिरोह से तो नहीं जुड़े हुए हैं।
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