हैदराबाद, 28 फरवरी (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हाल की इजराइल यात्रा अनुपयुक्त समय पर हुई थी और आरोप लगाया कि उस देश ने इस यात्रा का फायदा उठाया।
हैदराबाद के सांसद ने कहा कि मोदी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें ईरान पर नियोजित हमले के बारे में बताया था।
उन्होंने कहा कि यदि नेतन्याहू ने उन्हें बताया होता, तो मोदी को अपनी यात्रा बीच में ही रोककर भारत लौट आना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो यह भारत की जनता के साथ विश्वासघात होगा।
ओवैसी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘उसने (इजराइल ने) प्रधानमंत्री की यात्रा का इस्तेमाल ईरान पर अपने हमले को उचित ठहराने और गाजा में फलस्तीनियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को छिपाने के लिए किया।’’
उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से यह धारणा बन सकती है कि भारत ईरान के बजाय इजराइल का समर्थन करता है।
इस यात्रा के नतीजे पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने पूछा कि इस स्थिति से भारत को क्या फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं और घटनाक्रम से उन देशों के लोगों को यह संदेश जा सकता है कि मोदी की यात्रा के तुरंत बाद इजराइल ने ईरान पर हमला किया।
उन्होंने कहा कि भारत ने परंपरागत रूप से पश्चिम एशिया में तटस्थ रुख बनाए रखा है लेकिन अब यह प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इस पर ध्यान देना चाहिए।
हाल के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि इजराइल द्वारा हमले किए जाने के बावजूद कतर गाजा पर युद्धविराम वार्ता की मेजबानी कर रहा था।
उन्होंने कहा, “इसमें भारत को क्या फायदा है? बड़ा सवाल यह है कि अमेरिका पर कौन भरोसा करेगा, जो बातचीत करने के साथ-साथ हमले भी कर रहा है।’’
ओवैसी ने आरोप लगाया कि इजराइल ने मोदी की यात्रा का इस्तेमाल दुनिया को यह संकेत देने के लिए किया कि भारत उसके साथ खड़ा है।
उन्होंने यह भी पूछा कि प्रधानमंत्री की इजराइल यात्रा से भारत के राष्ट्रीय हितों की पूर्ति कैसे हुई।
भाषा
देवेंद्र माधव
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