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Monday, 2 March, 2026
होमदेशप्रधानमंत्री मोदी ने मदुरै में 4,400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री मोदी ने मदुरै में 4,400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया

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(तस्वीरों के साथ)

मदुरै, एक मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि केंद्र का “सामूहिक लक्ष्य” एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है, और उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सक्षम बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

यहां 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “हमारा सामूहिक लक्ष्य एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है। प्रत्येक भारतीय 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित है। तमिलनाडु राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।”

उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहेगी।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का समृद्ध इतिहास है और आदिचनल्लूर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक धरोहर स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “पुलिकट झील और पोधिगई मलाई के आसपास की पर्यावरण पर्यटन पहल प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।”

उन्होंने कहा, “पवित्र और ऐतिहासिक नगर मदुरै में आकर मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं मीनाक्षी अम्मन और भगवान सुंदरेश्वर को नमन करता हूं। आज का यह आयोजन तमिलनाडु की विकास यात्रा में एक गौरवपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। हमने 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी है, उनका उद्घाटन किया है और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया है।”

उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं कनेक्टिविटी में बदलाव लाएंगी, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगी, रोजगार सृजित करेंगी और लाखों लोगों के जीवन को बदल देंगी।

उन्होंने याद दिलाया कि भारत सरकार ने तमिलनाडु के राजमार्ग नेटवर्क में भारी निवेश किया है और 2014 से राज्य में 4,000 किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण किया गया है।

आज समर्पित रेलवे परियोजनाओं पर मोदी ने कहा कि भारतीय रेलवे ने पिछले दशक में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का अनुभव किया है और यह एक आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित परिवहन प्रणाली के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा, “यह परिवर्तन विशेष रूप से तमिलनाडु में दिखाई देता है। हमारी सरकार के सत्ता में आने (2014) के बाद से तमिलनाडु के लिए रेलवे बजट आवंटन में लगभग नौ गुना वृद्धि हुई है।”

आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2009 से 2014 के दौरान रेलवे के लिए औसत वार्षिक आवंटन 880 करोड़ रुपये था।

उन्होंने आगे कहा कि 2026-27 में यह बढ़कर 7,600 करोड़ रुपये हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि 9 ‘वंदे भारत’ ट्रेन और 9 ‘अमृत भारत’ ट्रेन से तमिलनाडु के लोगों को लाभ हुआ है और इनके डिब्बों का निर्माण चेन्नई स्थित आईसीएफ में किया गया था।

तमिलनाडु के बुनियादी ढांचे के लिए वित्त पोषण पिछले दशक की तुलना में तीन गुना होने पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने कहा, “2026 का बजट तमिलनाडु पर विशेष ध्यान देने के साथ इस प्रवृत्ति को जारी रखता है।”

इस बजट में केंद्र सरकार ने बेंगलुरु-चेन्नई और चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा, “इससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।”

प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्य राष्ट्रीय राजमार्गों के मरकन्नम–पुदुचेरी खंड तथा परमाकुड़ी–रमणाथपुरम खंड को चार लेन बनाने की आधारशिला रखी।

उन्होंने तमिलनाडु में आठ पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया और चेन्नई बीच–चेन्नई एग्मोर चौथी रेल लाइन राष्ट्र को समर्पित की।

उन्होंने तमिलनाडु में प्रसारण सेवाओं को और मजबूत करने और क्षेत्रीय कवरेज का विस्तार करने, निर्बाध एफएम प्रसारण सुनिश्चित करने और राज्य के कई जिलों में सार्वजनिक प्रसारण सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए कुंभकोणम, येरकौड और वेल्लोर में तीन नए आकाशवाणी एफएम रिले ट्रांसमीटरों का उद्घाटन किया।

बाद में, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोदी ने पास के तिरुप्परनकुंद्रम में स्थित प्रसिद्ध अरुलमिगु सुब्रह्मण्य स्वामी मंदिर का दौरा किया।

शाम करीब 4.15 बजे पहुंचे प्रधानमंत्री को मंदिर प्रशासन द्वारा “पूर्ण-कुंभ” सम्मान से नवाजा गया।

धोती, कुर्ता और शॉल ओढ़े प्रधानमंत्री ने मंदिर की परिक्रमा की और बाद में मुख्य देवता की पूजा-अर्चना की।

मोदी के साथ राज्यपाल आर.एन. रवि, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन और भाजपा के राज्य प्रमुख नैनार नागेंद्रन भी थे।

मोदी का इस तीर्थस्थल का दौरा पिछले साल पहाड़ी की चोटी पर स्थित “दीपाथून” (स्तंभ) पर दीपक जलाने की मांग को लेकर हुए विवाद के बाद हुआ है, जिसका मामला अदालत तक पहुंच गया था।

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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