पुणे, तीन जून (भाषा) महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित एवं घर पर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखे गए 38 वर्षीय एक व्यक्ति की उस समय मौत हो गयी, जब कथित तौर पर बिजली जाने के कारण सांस लेने की मशीन ने काम करना बंद कर दिया।
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक यह घटना पुणे से करीब 230 किलोमीटर दूर पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले की करवीर तहसील के उचगांव गांव में बृहस्पतिवार रात को हुई।
उचगांव में गांधीनगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, ‘अमीश काले नामक मरीज पिछले कुछ वर्षों से फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित था। उसे उसके घर में ही वेंटिलेटर पर रखा गया था। हालांकि, बिजली वितरण कंपनी ने बिजली बिल का भुगतान न करने का आरोप लगाते हुए 30 मई को बिजली की आपूर्ति बंद कर दी थी। उसके बाद उनके परिवार ने उनके इलाज के लिए बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कुछ अस्थायी व्यवस्था की।’
पुलिस अधिकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार की रात बारिश के बाद इलाके में बिजली चली गई, जिससे वेंटिलेटर ने काम करना बंद कर दिया और उसके परिणामस्वरूप मरीज की मौत हो गई।
कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक शैलेश बलकावड़े ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा, ‘पुलिस विभाग बिजली जाने के कारण मरीज की मौत होने के मामले की जांच कर रहा है।’
पुलिस के अनुसार अमीश काले की मौत के बाद, उसके परिवार के सदस्य और रिश्तेदार एक स्थानीय सरकारी अस्पताल के बाहर जमा हुए और उन्होंने बिजली वितरण कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।इस अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा था।
भाषा रवि कांत मनीषा शोभना
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