नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार रात आठ बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे।
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से शुक्रवार सुबह मुलाकात के लिए रात आठ बजे का समय दिए जाने की जानकारी दी गई।
राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले विपक्षी प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अध्यक्ष ममता बनर्जी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम ए बेबी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव शामिल होंगे।
शिवसेना (उबाठा) ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर बताया कि महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनावों से संबंधित पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण उसका कोई प्रतिनिधि राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले विपक्षी प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं हो सकेगा। हालांकि, पार्टी ने खरगे के नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ गठबंधन और राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान को पूर्ण समर्थन देने की बात कही है।
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले विपक्षी नेता संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में बैठक कर रहे हैं। यह बैठक पहले दोपहर तीन बजे प्रस्तावित थी, लेकिन राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मिलने के बाद इसमें पांच बजे कर दिया गया।
राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल में करीब 10 लोगों के शामिल होने की संभावना है।
उनका कहना था कि बैठक में एजेंडा तय करने और एक ज्ञापन को अंतिम रूप देने के बाद उसे राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा।
तिवारी ने कहा कि ज्ञापन में बताया जाएगा कि किस तरह लोकतंत्र की हत्या की जा रही है और संविधान को बंधक बनाया जा रहा है।
इस बैठक से पहले, कांग्रेस के लोकसभा सदस्य ने दावा किया कि उनके आवास पर उन्हें और कांग्रेस के कुछ अन्य सांसदों को ‘‘नजरबंद कर दिया गया है।’’
हुड्डा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज मेरे दिल्ली के सरकारी निवास पर साथी सांसद जयप्रकाश जी, सांसद वरुण मुलाना जी, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी जी, सांसद कर्मबीर बौद्ध जी समेत सैकड़ों नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ मुझे भी पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर नजरबंद कर दिया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग का भाजपा की कठपुतली बन जाने के खिलाफ और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर जारी संघर्ष को पुलिस के बल पर दबाने नहीं देंगे।’’
विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए पहली बार दो अक्टूबर को अनुरोध भेजा था। इसके बाद राष्ट्रपति भवन ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं के नाम मांगे थे। गठबंधन ने पांच अक्टूबर को दोबारा अनुरोध भेजकर नेताओं के नाम दिए और सात, आठ या नौ अक्टूबर को मुलाकात के लिए समय मांगा था।
‘इंडिया’ गठबंधन ने पिछले सप्ताह एसआईआर के मुद्दे पर संयुक्त कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया था। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर रैलियां आयोजित करने और ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालने का फैसला किया गया था। विपक्षी दल पिछले चार दिनों से अलग-अलग तरीकों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
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