श्रीनगर, 18 अप्रैल (भाषा) कश्मीर घाटी में रहमतों की रात माने जाने वाले ‘शब-ए-कद्र’ पर लोगों ने इबादत की और इस मौके पर यहां ऐतिहासिक जामा मस्जिद में भी सामूहिक प्रार्थना की इजाजत दी गई। तीन दिन पहले जुमा-तुल-विदा के दौरान यहां प्रार्थना पर पाबंदी थी।
यह 2019 के बाद पहला मौका है, जब 14वीं शताब्दी में बनी मस्जिद में शब-ए-कद्र इबादत की इजाजत दी गई।
इस मौके पर मुसलमानों ने सोमवार की रात घाटी में मस्जिदों और धार्मिक स्थलों पर प्रार्थना और कुरान की आयतें पढ़ीं। रमजान का उपवास का महीना समाप्त होने वाला है।
डल झील के किनारे हजरतबल दरगाह में सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। यहीं पर पैगंबर मोहम्मद के पवित्र अवशेष रखे गए हैं।
भाषा प्रशांत दिलीप
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