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Sunday, 1 March, 2026
होमदेशओडिशा को बजट में केवल खनिज निकालने के लिए धन मिलता है, जन कल्याण के लिए नहीं: पटनायक

ओडिशा को बजट में केवल खनिज निकालने के लिए धन मिलता है, जन कल्याण के लिए नहीं: पटनायक

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भुवनेश्वर, एक फरवरी (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने रविवार को केंद्रीय बजट में ओडिशा के लिए किए गए प्रावधानों पर निराशा प्रकट करते हुए कहा कि राज्य को केवल उसके प्राकृतिक संसाधनों के खनन के लिए आवंटन मिलता है और जन कल्याण पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।

पटनायक ने संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ओडिशा और उसके लोगों को बजट में जो मिला है, वो उससे ज्यादा तथा बेहतर के हकदार हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि पूरे केंद्रीय बजट से पता चलता है, ओडिशा को सिर्फ उसके प्राकृतिक संसाधन लेने के लिए आवंटन मिल रहा है और जब राज्य के लोगों के फायदे के लिए संसाधनों के आवंटन की बात आती है, तो उसे पूरी तरह नजरअंदाज किया जाता है।’’

पटनायक ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘मैं केंद्र सरकार द्वारा आज पेश किए गए बजट 2026 पर अपनी निराशा व्यक्त करता हूं। बजट ने ओडिशा और उसके लोगों को कोई खास लाभ नहीं दिया है।’’

उन्होंने कहा कि ओडिशा के लोगों को उम्मीद थी कि डबल इंजन वाली सरकार अवसंरचना, रोजगार सृजन और राज्य को मिलने वाले अतिरिक्त आवंटन पर ध्यान केंद्रित करते हुए विकास को रफ्तार देगी, लेकिन ‘‘राज्य को बहुत कम मिला है’’।

हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री ने बजट में ओडिशा में ‘दुर्लभ खनिज गलियारे’ की स्थापना के प्रस्ताव का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राज्य कई आवश्यक खनिजों का अग्रणी उत्पादक है और अपने समृद्ध संसाधनों के जरिए हमेशा राष्ट्र निर्माण में मदद करेगा।

पटनायक ने कहा कि बजट में फिर से खनिज समृद्ध क्षेत्रों और औद्योगिक केंद्रों को बंदरगाहों से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय जलमार्गों की घोषणा की गई, लेकिन यह प्रस्ताव एक दशक पुराना है और ‘‘जमीन पर कोई प्रगति नहीं हुई है’’।

पटनायक ने यह भी कहा कि यह बहुत निराशा की बात है कि शहरों के बीच ‘ग्रोथ कनेक्टर’ के तौर पर सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा में ओडिशा का नाम नहीं है।

बीजद अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हैरान करने वाली बात है कि बौद्ध सर्किट के विकास के लिए पर्यटन केंद्रित योजना में ओडिशा को पूरी तरह से छोड़ दिया गया है, जबकि हमारे यहां डायमंड ट्राएंगल सहित कई बहुत महत्वपूर्ण बौद्ध स्थल हैं।’’

भाषा वैभव माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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