केंद्रपाड़ा (ओडिशा), 17 अप्रैल (भाषा) ओडिशा के वन अधिकारियों ने देश में पहली बार मैंग्रोव पिट्टा पक्षियों की गणना में 179 ऐसे पक्षी देखे हैं।
छोटे आकार के इन रंग-बिरंगे पक्षियों के आवास ओडिशा के भितरकनिका और पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में मैंग्रोव वन क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। मैंग्रोव वन समुद्र तट के आस-पास पाए जाते हैं।
प्रभागीय वन अधिकारी, राजनगर मैंग्रोव (वन्यजीव) वन प्रभाग, जी. सुदर्शन यादव ने बताया कि इन पक्षियों के बारे में अध्ययन करने के लिए देश में पहली बार इनकी गणना की गई। उन्होंने कहा कि गणना के दौरान भितरकनिका वन्यजीव अभयारण्य में महिपुरा नदी के मुहाने पर इन पक्षियों की सबसे अधिक संख्या देखी गई।
मैंग्रोव पिट्टा रंग बिरंगे पक्षी होते हैं जिनका सिर काला, ऊपरी हिस्सा भूरा, सफेद कंठ, हरे रंग का ऊपरी भाग और निचला भाग लाल रंग का होता है। उन्होंने कहा कि यह पक्षी मैंग्रोव वन में पाया जाता है जहां यह कीट-पतंगों को अपना आहार बनाता है।
यादव ने कहा, ‘‘गणना का उद्देश्य इन पक्षियों के विकास पैटर्न को रिकॉर्ड करना है। इन पक्षियों को अभी लुप्तप्राय श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। आने वाले वर्षों में गणना से पता चल सकता है कि क्या इन प्रजातियों को खतरा है।
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश
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