रायपुर, 17 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ में नफरत फैलाने वाली टिप्पणी के मामले में राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के आठ नेताओं को नोटिस जारी होने के बाद पार्टी ने रायपुर के सिविल लाइंस थाना में प्रदर्शन किया।
इस दौरान भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल, दो मंत्रियों, कांग्रेस के एक विधायक और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तीन अन्य नेताओं के खिलाफ कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषण देने की शिकायत दर्ज कराई।
रायपुर पुलिस ने पिछले सप्ताह भाजपा के एक प्रवक्ता समेत पार्टी के आठ सदस्यों को सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाले पोस्ट करने के आरोप में नोटिस जारी किया था। भाजपा नेताओं को इस संबंध में अपना बयान दर्ज कराने के लिए सोमवार को सिविल लाइंस पुलिस थाने में पेश होने के लिए कहा गया था।
नोटिस के अनुसार भाजपा नेताओं ने आठ अप्रैल को राज्य के बेमेतरा जिले के बिरनपुर गांव में हुई सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित पोस्ट किया था।
नोटिस के जवाब में भाजपा नेता और कार्यकर्ता आज दोपहर सिविल लाइंस थाने पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए।
इस दौरान भाजपा के आठ नेताओं ने भी अपना जवाब प्रस्तुत किया, जिन्हें नोटिस जारी किया गया था।
इस बीच भाजपा ने नंद कुमार बघेल (मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता), राज्य के कैबिनेट मंत्रियों कवासी लखमा और अमरजीत भगत, विधायक शकुंतला साहू और अन्य के खिलाफ अपने लेख में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की शिकायत दर्ज कराई।
विरोध का नेतृत्व कर रहे विपक्ष के नेता नारायण चंदेल ने कहा, ”हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था के खिलाफ लिखा था, किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं।”
उन्होंने कहा, ”एक विधायक बृहस्पत सिंह ने कार्यालय में एक सरकारी कर्मचारी को थप्पड़ मारा लेकिन उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। क्या मुख्यमंत्री इस मामले में जवाब देंगे।”
भाषा संजीव संजीव रंजन
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