रामपुर, 22 अक्टूबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को रामपुर जिला जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की और आरोप लगाया कि किसी भी राजनीतिक परिवार ने आजम खान के परिवार जितना अन्याय नहीं झेला है।
पिछले साल नवंबर में रामपुर की एक अदालत ने जन्मतिथि में विसंगति से जुड़े दोहरे/फर्जी पैन कार्ड के मामलों में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई थी।
हेलीकॉप्टर से रामपुर पहुंचे अखिलेश का जौहर विश्वविद्यालय के हेलीपैड पर आजम खान के परिवार के सदस्यों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद वह वरिष्ठ नेता से मिलने जिला जेल पहुंचे।
करीब एक घंटे की मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर आजम खान के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आजम खान के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
अखिलेश ने कहा, ‘‘आजम खान के परिवार ने जितना अन्याय झेला है, उतना किसी राजनीतिक परिवार ने नहीं झेला।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने आजम खान से रामपुर विधानसभा सीट के बारे में चर्चा की, अखिलेश ने कहा कि उन्होंने आजम खान के साथ सभी 403 विधानसभा सीटों पर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने चुनाव को लेकर गठबंधन सहयोगियों से मिले सुझावों की सूची पर भी चर्चा की।
एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि आजम खान ने किसी विधानसभा सीट की मांग नहीं की, बल्कि कुछ सुझाव दिए हैं, जिन्हें नोट कर लिया गया है।
रामपुर विधानसभा सीट से सपा का उम्मीदवार कौन होगा, यह पूछे जाने पर अखिलेश ने नाम बताने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘हम अभी इसका खुलासा क्यों करें?’’
रामराज्य की अवधारणा का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यहां न्याय और निष्पक्षता की भावना को कमजोर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘रामपुर जैसी जगह पर कभी रामराज्य की जो भावना थी, उसे कुचल दिया गया है। इस जगह का नाम ही रामपुर है और आपसे बेहतर कौन जानता होगा कि यहां रामराज्य की भावना को किस तरह दबाया और नष्ट किया जा रहा है।’’
सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘झूठे मुकदमों में सच्चाई को कैद रखने की ताकत नहीं होती। इसमें समय लग सकता है और कुछ देरी हो सकती है, लेकिन सच्चाई को झूठे मुकदमों में कैद नहीं रखा जा सकता।’’
अखिलेश ने भाजपा सरकार पर उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और आजम खान से जुड़े मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय को नष्ट करने की साजिश रची गई। अखिलेश के मुताबिक, इस संस्थान की परिकल्पना शिक्षा के केंद्र के रूप में की गई थी, जहां युवाओं को अपना भविष्य संवारने का अवसर मिल सके।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आजम खान ने विश्वविद्यालय, शिक्षा और युवाओं का भविष्य बनाने के लिए जो सपना देखा था, उसे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पूरा करेंगे।’’
भाजपा पर शिक्षा और ज्ञान को कम महत्व देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियों से शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान पहुंचा है।
अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्ट अधिकारियों का इस्तेमाल आजम खान को झूठे मामलों में फंसाने के लिए किया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ अधिकारी कथित कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों से धीरे-धीरे दूरी बना रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम पहली बार रामपुर नहीं आए हैं। समाजवादी पार्टी और यहां के लोगों के बीच राजनीतिक के साथ-साथ भावनात्मक रिश्ता भी है।’’
उन्होंने कहा कि आजम खान और समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय पर आधारित व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
अखिलेश ने भाजपा पर चुनावी धांधली का आरोप लगाते हुए 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में निर्वाचन आयोग को लेकर अपनी पार्टी के आरोपों को दोहराया।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को हराना उनकी पार्टी का प्रमुख राजनीतिक लक्ष्य है और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी कार्यकर्ता इस चुनौती के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘समाजवादी पार्टी का सीधा उद्देश्य भाजपा को हराना है और पार्टी का हर कार्यकर्ता इसके लिए तैयार है।’’
इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन का भी जिक्र किया।
आजम खान के स्वास्थ्य के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा कि उनकी तबीयत पहले से बेहतर है, लेकिन जेल में रहने से जुड़ी परेशानियां अब भी बनी हुई हैं।
अखिलेश यादव का दिन में बाद में आजम खान के आवास पर जाकर उनके परिवार के सदस्यों से मिलने का कार्यक्रम भी था।
सपा प्रमुख ने इससे पहले पांच अक्टूबर 2025 को रामपुर का दौरा किया था। उस समय आजम खान कुछ समय के लिए जमानत पर जेल से बाहर आए थे। अखिलेश ने आजम खान के आवास पर उनसे और उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात की थी। इसके बाद आजम खान ने लखनऊ जाकर सात नवंबर 2025 को यादव के आवास पर उनसे मुलाकात की थी।
आजम खान को नफरत भरे भाषण से जुड़े अलग-अलग मामलों (2022 और 2023), छजलैट सड़क जाम मामले (2023), फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले (2023), डूंगरपुर में मकान में तोड़फोड़ के मामले (2024) और रामपुर के पूर्व जिलाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले (मई 2026) में भी दोषी ठहराया जा चुका है।
आजम खान ने इन मामलों में दोषसिद्धि को अपील के जरिए चुनौती दी है।
भाषा
अभिनव, जफर रवि कांत
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