बेंगलुरु: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मुखर आलोचक एक्टर-एक्टिविस्ट प्रकाश राज, जिन्होंने 2019 में बेंगलुरु सेंट्रल सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ा था, उन्होंने मंगलवार को दावा किया कि चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान शहर की वोटर लिस्ट से उनका नाम “हटा दिया गया” है.
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से सोमवार को साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 1,08,97,530 मतदाताओं यानी कुल मतदाताओं के 19.66 प्रतिशत को जारी SIR प्रक्रिया में ASDDO के रूप में चिह्नित किया गया है. ASDDO का मतलब है—अनुपस्थित, स्थान बदल चुके, मृत, डुप्लीकेट या अन्य.
कर्नाटक के सबसे बड़े शहरी क्षेत्र बेंगलुरु में आधे से ज्यादा मतदाता इस सूची में हैं और संभावित रूप से उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं.
इन लोगों के पास 23 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का विकल्प है. इसके बाद उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं. अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को जारी की जाएगी.
ASDDO के रूप में नाम चिह्नित होने के बाद राज ने एक्स पर 1 मिनट 35 सेकंड का एक वीडियो जारी किया. 61-वर्षीय राज ने कहा, “मैं आपके साथ एक मजाक साझा करना चाहता हूं. मैं उन 65 लाख मतदाताओं में से एक हूं, जिनका SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद बेंगलुरु निर्वाचन क्षेत्र से वोट देने का अधिकार हटा दिया गया है. अच्छा मजाक है, है ना?”
उन्होंने कहा, “मेरा जन्म इसी निर्वाचन क्षेत्र में हुआ, मैं इसी निर्वाचन क्षेत्र में रहा, मेरी स्कूली पढ़ाई, कॉलेज, थिएटर…सब यहीं हुआ और आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मैं इसी निर्वाचन क्षेत्र से सांसद का उम्मीदवार था. अच्छा मज़ाक है. गेम ऑन.”
Fraand 😂😂 you may chose n deny voting rights of few citizens who may not elect you back to thrown.. but can you stop us from eventually bringing you down from your thrown #justasking pic.twitter.com/S8BpM3CNy0
— Prakash Raj (@prakashraaj) August 11, 2026
राज ने 2019 का लोकसभा चुनाव बेंगलुरु सेंट्रल सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था. उन्हें 28,906 वोट मिले थे, जो निर्वाचन क्षेत्र में पड़े कुल वोटों का 2.41 प्रतिशत था.
उन्होंने आगे कहा, “देखता हूं कि मुझे अपना वोटर आईडी वापस पाने के लिए किस प्रक्रिया से गुज़रना होगा. क्या-क्या कागज़ दिखाने पड़ेंगे? खैर, गेम ऑन.”
राज ने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी समेत कई भाषाओं में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है. उन्होंने 5 सितंबर 2017 को अपनी दोस्त और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर अपने हमले और तेज़ कर दिए थे.
दिप्रिंट के साथ पहले हुई बातचीत में उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी पर खुलकर हमला करने के बाद उन्हें लगभग बॉलीवुड से बाहर कर दिया गया था. यह एक्टर देशभर में हुए कई प्रदर्शनों में एक प्रमुख चेहरा भी रहे हैं. इनमें धर्मस्थला विवाद भी शामिल है, जिसमें एक गवाह ने उन्हें मुख्य साजिशकर्ता बताया था.
उन्होंने एक्स पर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा, “लेकिन एक छोटी सी बात. मेरे दोस्त, आप अपनी ताकत का इस्तेमाल उन कुछ नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने के लिए कर सकते हैं, जो शायद आपको वोट न दें, लेकिन क्या आप हमें आपको सत्ता से हटाने से रोक सकते हैं?”
राज देशभर में सरकार विरोधी कई प्रदर्शनों में शामिल हुए हैं. इनमें हाल में नेशनल एलिजिबिलिटी-कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन भी शामिल हैं. एक्टर-एक्टिविस्ट ने यह अनुमान नहीं लगाया है कि कथित तौर पर वोटर लिस्ट से उनका नाम क्यों हटाया गया.
दिप्रिंट ने इस मामले में प्रतिक्रिया लेने के लिए कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से फोन और मैसेज के जरिए संपर्क किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. जवाब मिलने पर रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)