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Monday, 19 October, 2026
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‘नेहरू, गांधी, यादव को नेता नहीं बनाएंगे’, ओवैसी बोले—मुस्लिम युवाओं में हुनर, लेकिन मंच नहीं मिलता

रामपुर में 2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM प्रमुख का बयान, अखिलेश यादव की सपा पर मुस्लिम वोटों का फायदा उठाने का आरोप लगाया.

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रामपुर: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि उनकी पार्टी मुस्लिम युवाओं को नेता बनने और दबे-कुचले लोगों को न्याय दिलाने के लिए मंच दे रही है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय में नेतृत्व करने की क्षमता और हुनर है, लेकिन उसे आगे बढ़ने के पर्याप्त मौके नहीं मिलते.

ओवैसी ने रविवार को उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही. 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कहा, “हम किसी नेहरू, गांधी या यादव को अपना नेता नहीं बनाएंगे. ये युवा बेटे-बेटियां सबसे आगे खड़े होंगे. मुस्लिम युवाओं में भी उतनी ही क्षमता है, जितनी दूसरे समुदायों के लोगों में है. आपमें भी हुनर है, लेकिन आपको मंच नहीं दिया जाता.”

उन्होंने कहा कि AIMIM युवाओं को आगे आने, नेतृत्व संभालने और दबे-कुचले समुदायों के अधिकारों के लिए काम करने का मौका दे रही है.

ओवैसी ने कहा, “AIMIM आपको आगे आने, नेता बनने, देश का नेतृत्व करने और दबे-कुचले समुदाय को न्याय दिलाने का मंच दे रही है. AIMIM यही काम कर रही है. इसी वजह से आज लोग पार्टी से परेशान हैं. परेशानी यह है कि अब्दुल को नेता नहीं बनने दिया जाएगा.”

इससे पहले ओवैसी ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा था. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा कई पीढ़ियों से मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन का फायदा उठाती रही है, लेकिन उन्हें राजनीतिक नेतृत्व में आगे बढ़ने का पर्याप्त मौका नहीं दिया.

ओवैसी ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी ’99 बनाम 1′ की राजनीति का जिक्र करते हुए सपा की पारंपरिक वोट बैंक की राजनीति को चुनौती देने की बात कही.

ओवैसी ने सवाल उठाया कि दशकों से सपा का समर्थन करने वाले मुस्लिम समुदाय को बदले में क्या मिला.

उन्होंने कहा, “देखिए, पिछले दो-तीन पीढ़ियों से अखिलेश यादव की पार्टी, समाजवादी पार्टी को वोट देकर मुसलमानों का नुकसान हुआ है. उन्होंने उनके पिता मुलायम सिंह यादव को कई बार मुख्यमंत्री बनाया. आजमगढ़ को ही उदाहरण के तौर पर देख लीजिए. शिब्ली कॉलेज और विश्वविद्यालय को वह दर्जा क्यों नहीं दिया गया?”

ओवैसी ने कहा कि सैफई में मेडिकल कॉलेज और खेल विश्वविद्यालय बनाया गया, जबकि आजमगढ़ में भी कई स्कूल और डिग्री कॉलेज बनाए जा सकते थे.

उन्होंने सवाल किया, “आजमगढ़ में आपके पास ‘डबल यादव’ है. विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री तक आपके थे. मुलायम सिंह यादव भी वहां से सांसद थे. फिर आपने आजमगढ़ को क्या दिया?”

AIMIM प्रमुख ने कहा कि मुस्लिम समुदाय अब सिर्फ वोट बैंक बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाना चाहता है.

उन्होंने कहा, “आप खुश हैं कि मुस्लिम युवा आपके लिए नारे लगाते हैं और कहते हैं कि भाईया, मैं आपके लिए अपनी जान और परिवार तक कुर्बान कर दूंगा. लेकिन बदले में उन्हें क्या मिल रहा है?”

ओवैसी ने आगे कहा, “अब एक नई सोच सामने आई है. मुसलमान चाहते हैं कि वे सिर्फ दूसरों को नेता बनाना बंद करें और खुद नेता बनें. हम सिर्फ दरी बिछाना नहीं चाहते, हम अपने हिस्से की बात करना चाहते हैं. यह बहुत बड़ा बदलाव है, जिसे समाजवादी पार्टी समझ नहीं रही है, लेकिन उसे जल्द इसका एहसास होगा.”

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