नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा है कि विद्यालय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफएसई) को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के अनुरूप विकसित किया जाएगा और शिक्षा मंत्रालय तथा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा इस संबंध में एक व्यापक रणनीति दस्तावेज तैयार किया गया है।
विद्यालयों में समान पाठ्यचर्या और पाठ्यक्रम (सिलेबस) लागू करने का अनुरोध वाली याचिका के जवाबी हलफनामे में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि एनईपी के अंतर्गत राष्ट्रीय रूपरेखा सभी स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, यह नीति के सिद्धांतों, अग्रिम पंक्ति पाठ्यक्रम जरूरतों तथा राज्य सरकारों, मंत्रालयों, विशेषज्ञ इकाइयों समेत अन्य पक्षकारों के साथ विचार-विमर्श पर आधारित होगी।
केंद्र ने यह भी कहा कि इसे विकसित करने के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति गठित की गई है।
केंद्र ने अदालत को बताया कि एनसीएफएसई की हर 5-10 साल पर समीक्षा की जाएगी और इसे अद्यतन किया जाएगा और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को राष्ट्रीय रूपरेखा के अनुरूप राज्य पाठ्यक्रम रूपरेखा विकसित करने का कार्य करना है।
याचिकाकर्ता, अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने इस साल की शुरुआत में जनहित याचिका दायर कर ‘‘समान शिक्षा प्रणाली’’ लागू करने का अनुरोध किया था जिसका पाठ्यक्रम एक समान होने के साथ-साथ बच्चों की मातृभाषा में भी हो।
भाषा
शफीक सुभाष
सुभाष
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.