scorecardresearch
Monday, 20 July, 2026
होमदेशराज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस का विरोध प्रदर्शन

राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस का विरोध प्रदर्शन

इसी के साथ, दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में NC के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने पार्टी के विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया.

Text Size:

जम्मू: सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने की मांग को लेकर जम्मू में कई जगह विरोध प्रदर्शन किया. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि 2024 में जनता की चुनी हुई सरकार बनने के बावजूद उसने अपना वादा पूरा नहीं किया.

पार्टी की जिला इकाई ने जम्मू में मुख्य प्रदर्शन किया, जबकि इसी तरह के प्रदर्शन पूरे क्षेत्र के जिला मुख्यालयों में भी हुए.

इसी दौरान, पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और विधायक दिल्ली में भी पार्टी के प्रदर्शन में शामिल हुए.

पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर सैकड़ों नेशनल कॉन्फ्रेंस कार्यकर्ता रेजिडेंसी रोड स्थित पार्टी मुख्यालय में इकट्ठा हुए और वहां से सिटी चौक तक रैली निकाली. इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने के समर्थन में नारे लगाए.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के जम्मू प्रांतीय सचिव शेख बशीर ने कहा कि ये प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर भर में चलाए जा रहे एक समन्वित अभियान का हिस्सा हैं, जिसका मकसद राज्य का दर्जा बहाल करवाना है.

उन्होंने कहा, “हमारी मांग साफ है. जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिया जाए. यह हमारी जायज मांग है और हमारा अधिकार है.” उन्होंने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन में भी शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं.

पार्टी के प्रांतीय संयुक्त सचिव अंकुश अबरोल ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का शीर्ष नेतृत्व राज्य का दर्जा बहाल कराने के मुद्दे को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

उन्होंने उमर अब्दुल्ला के हाल ही में जम्मू दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि पुंछ-राजौरी इलाके में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति के कारण मुख्यमंत्री को रविवार को दिल्ली छोड़कर जम्मू आना पड़ा था. लेकिन वह सोमवार सुबह फिर दिल्ली लौट गए ताकि प्रदर्शन में शामिल हो सकें. उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि पार्टी इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से ले रही है.

अबरोल ने आरोप लगाया कि 5 अगस्त 2019 के संवैधानिक बदलावों के बाद जम्मू-कश्मीर से उसका विशेष दर्जा और राज्य का दर्जा दोनों छीन लिए गए. उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था की भी आलोचना की.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद और जम्मू-कश्मीर के लोगों से वादा किया था कि चुनाव के बाद राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया.

उन्होंने कहा, “इसी वजह से आज हम सड़कों पर हैं.”

नेशनल कॉन्फ्रेंस नेताओं ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह अपना वादा पूरा करे और बिना किसी और देरी के जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दे. उन्होंने कहा कि यह मांग यहां के लोगों की उम्मीदों और लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रतिनिधित्व करती है.


यह भी पढ़ें: इरोम शर्मिला से सोनम वांगचुक तक: भूख हड़ताल और मेडिकल ट्रीटमेंट पर क्या कहता है कानून?


 

share & View comments