नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) म्यांमा ने भारत को आश्वासन दिया है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल नयी दिल्ली के सुरक्षा हितों के खिलाफ नहीं होने दिया जायेगा। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
साथ ही, दोनों देशों ने साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और संचालन समन्वय को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई।
बुधवार को यहां संपन्न हुई दो दिवसीय 23वीं राष्ट्रीय स्तर की द्विपक्षीय बैठक के दौरान एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय चर्चा हुई।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार भारत-म्यांमा सीमा पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करते हुए, दोनों पक्षों ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के महत्व की फिर से पुष्टि की।
बयान के अनुसार, ‘‘दोनों पक्षों ने अपने सुरक्षा हितों के प्रतिकूल गतिविधियों के लिए संप्रभु क्षेत्र के दुरुपयोग को रोकने के महत्व पर जोर दिया। म्यांमा पक्ष ने आश्वासन दिया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ नहीं होने दिया जायेगा।’’
इसके अनुसार दोनों पक्षों ने आतंकवाद, उग्रवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी, मानव तस्करी, वन्यजीव तस्करी, साइबर अपराध और संगठित अपराध के अन्य रूपों सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले अपराधों से निपटने में सहयोग पर चर्चा की।
इसमें कहा गया है, ‘‘उन्होंने खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और संचालन समन्वय को बढ़ाने तथा साझा सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए क्षमता निर्माण संबंधी पहलों पर भी सहमति व्यक्त की।’’
भाषा
देवेंद्र शोभना
शोभना
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