scorecardresearch
Monday, 20 April, 2026
होमदेशमेरे पिता नीतीश कुमार ने बिहार को जातीय और सांप्रदायिक हिंसा से मुक्त कराया: निशांत कुमार

मेरे पिता नीतीश कुमार ने बिहार को जातीय और सांप्रदायिक हिंसा से मुक्त कराया: निशांत कुमार

Text Size:

पटना, 23 मार्च (भाषा) जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता निशांत कुमार ने सोमवार को कहा कि उनके पिता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य को लंबे समय से चली आ रही जातीय और सांप्रदायिक हिंसा से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई है।

निशांत कुमार (44) पार्टी कार्यालय में समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

निशांत कुमार ने कहा, “मेरे पिता खुद को लोहिया का शिष्य मानते हैं। उन्होंने मुझे बताया है कि उन्हें गांधी मैदान में लोहिया का भाषण सुनने का अवसर मिला था। उन्होंने लोहिया के आदर्शों के अनुरूप जीवन जीने का प्रयास किया है।”

निशांत कुमार ने करीब दो सप्ताह पहले ही सक्रिय राजनीति में कदम रखा है।

उन्होंने कहा, “सत्य के प्रति लोहिया की प्रतिबद्धता ने मेरे पिता को सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। अहिंसा पर लोहिया ने जो जोर दिया था, उसी ने उन्हें (मेरे पिताजी को) बिहार में शांति स्थापित करने के लिए प्रयास करने को प्रेरित किया, जो 2005 में उनके सत्ता संभालने तक जातीय और सांप्रदायिक हिंसा से जूझता रहा।”

निशांत कुमार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके पिता द्वारा उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण और सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण देना “नर-नारी समता” के लोहिया के आदर्श से प्रेरित है।

इस बीच अटकलें तेज हैं कि जदयू प्रमुख के अब तक अपेक्षाकृत कम सार्वजनिक रहने वाले संभावित उत्तराधिकारी निशांत कुमार को विधान परिषद का सदस्य चुना जा सकता है और उनके पिता के राज्यसभा जाने के लिए पद छोड़ने के बाद बनने वाली नई सरकार में वह उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल हो सकते हैं।

भाषा कैलाश

राजकुमार

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments