मंडला (मध्यप्रदेश), 27 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के मंडला जिले के कान्हा बाघ अभयारण्य (केटीआर) में पांच दिन में तीन शावकों को खो देने वाली बाघिन ‘टी-141’ और उसकी चौथी संतान को पृथकवास में रखा गया है। वन विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कमजोर और अस्वस्थ पाई गई बाघिन और जीवित शावक को रविवार को सरही रेंज से बचाया गया और इलाज के लिए मुक्की रेंज में एक पृथकवास केन्द्र में स्थानांतरित कर दिया गया।
केटीआर के पशु चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”उन पर करीबी नजर रखी जा रही है और उनकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बनी हुई है।’
पशु चिकित्सक ने कहा कि बाघिन और जीवित शावक के रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि ‘टी-141’ को पिछले महीने सरही रेंज में चार शावकों के साथ देखा गया था।
उन्होंने बताया कि पहले शावक की 21 अप्रैल को मौत हो गई थी और बताया गया था कि वह प्राकृतिक कारणों से मरा था।
उन्होंने बताया कि उसका पेट खाली पाया गया। दूसरे शावक की 23 अप्रैल को डूबने से मौत हो गई और उसका क्षतविक्षत शव बरामद किया गया।
अग्रवाल ने कहा कि तीसरे शावक, जिसकी 25 अप्रैल को मौत हो गई, उसने फेफड़ों में संक्रमण के कारण दम तोड़ा।
अधिकारियों ने बताया कि सभी शावक करीब एक साल के थे।
भाषा सं ब्रजेन्द्र शोभना
शोभना
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