शिमला, 30 जनवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कहा कि समावेशी विकास को बढ़ाने और विषम क्षेत्रीय विकास की समस्या का समाधान करने के लिए राज्य सरकार शहरी अवसंरचना विकास निधि (यूआईडीएफ) के तहत वित्त पोषण के लिए विधायकों से प्राथमिकताएं पूछेगी।
राज्य विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत (14 फरवरी) से पहले मुख्यमंत्री ने यहां वार्षिक योजना 2024-25 के दूसरे दिन के पहले सत्र में कांगड़ा, किन्नौर तथा कुल्लू के विधायकों के साथ बैठक की अध्यक्षता की।
मुख्यमंत्री ने यहां जारी एक बयान में कहा कि ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के तहत केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण योग्य गतिविधियां ही पात्र हैं। आरआईडीएफ का प्रबंधन राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) करता है।
उन्होंने कहा कि सभी विधायक पांच प्राथमिकताओं का प्रस्ताव रख सकते हैं।
सुक्खू ने कहा कि सड़कें एवं पुल, लघु सिंचाई योजनाएं, ग्रामीण पेयजल/मल निकासी की एक-एक योजना अथवा किसी एक मद में तीन अथवा दो प्राथमिकताएं प्रस्तावित की जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि रख-रखाव से संबंधित एक प्राथमिकता तथा परिवहन विभाग के अन्तर्गत चार्जिंग स्टेशन सहित इलेक्ट्रिक-बस परिचालन के लिए विधायक एक प्राथमिकता शामिल कर सकते हैं।
कांगड़ा जिले के विधायकों की शीर्ष प्राथमिकताओं में सड़कों के विस्तारीकरण, स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण, नाले का ‘चैनलाइजेशन’, विद्यालयों को उन्नत बनाने, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नये पाठ्यक्रम, औद्योगिक क्षेत्रों को मजबूत करने, मंदिरों में आने वाले भक्तों के लिए सुविधाएं बढ़ाने और मादक पदार्थ के माफिया पर लगाम लगाने जैसे सुझाव शामिल रहे।
भाषा जितेंद्र वैभव
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