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Friday, 17 April, 2026
होमदेशआपदा राहत कोष के ‘दुरुपयोग’ का मामला: केरल के लोकायुक्त ने मामले को बड़ी पीठ को भेजा

आपदा राहत कोष के ‘दुरुपयोग’ का मामला: केरल के लोकायुक्त ने मामले को बड़ी पीठ को भेजा

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तिरुवनंतपुरम, 31 मार्च (भाषा) मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के खिलाफ मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में केरल लोकायुक्त ने शुक्रवार को खंडित फैसला सुनाया और इस मामले को बड़ी पीठ के पास भेज दिया।

लोकायुक्त न्यायमूर्ति सिरियक जोसेफ और न्यायमूर्ति हारुन-उल-रशीद ने आज सुनाए गए आदेश में कहा कि इस मामले को बड़ी पीठ को भेजा जा रहा है, क्योंकि मामले के गुण-दोष और इस बात पर अलग-अलग मत है कि क्या मंत्रिमंडल के फैसले इसकी जांच के अधीन हो सकते हैं।

विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने वामपंथी सरकार तथा मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए दावा किया कि विजयन के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि खंडित आदेश से भ्रष्टाचार रोधी निकाय की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा, ‘इस आदेश ने भ्रष्टाचार रोधी निकाय की विश्वसनीयता को प्रभावित किया है। यह आदेश मामले में सुनवाई पूरी होने के एक साल बाद आया है। लोगों ने भ्रष्टाचार रोधी निकाय में अपना विश्वास खो दिया है। उच्च न्यायपालिका को मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।’

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रमुख के. सुरेंद्रन ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का इस्तीफा मांगा और मुख्यमंत्री राहत कोष को खर्च करने में अनियमितताओं और भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया।

सुरेंद्रन ने मीडिया से कहा, ‘लोकायुक्त के एक न्यायाधीश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री ने अपराध किया है। हमें सिर्फ यह जानने की जरूरत है कि दूसरे न्यायाधीश द्वारा किस तकनीकी मुद्दे की ओर इशारा किया गया। मुख्यमंत्री अपने पद से चिपके हुए हैं, क्योंकि वह सत्ता के भूखे हैं।’

लोकायुक्त ने जनवरी 2019 में आर एस शशि कुमार द्वारा दायर शिकायत विचारार्थ स्वीकार की थी, जिसमें मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था।

शिकायतकर्ता ने कोष के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को अयोग्य घोषित किए जाने की मांग की थी।

भाषा नेत्रपाल दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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