तिरुवनंतपुरम, नौ अक्टूबर (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में दवाओं की किल्लत वर्तमान प्रशासन की देन नहीं है, बल्कि पिछली सरकार के स्तर पर खरीद से जुड़ी लापरवाहियों के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।
सतीशन ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट किया कि अस्पतालों में किसी विशेष वर्ष के लिए दवाएं जिला स्तर के चिकित्सा अधिकारियों द्वारा पिछले वर्ष दिए गए ‘इंडेंट’ (आधिकारिक लिखित मांग पत्र) के आधार पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
उन्होंने कहा, ‘इसके बाद केरलम मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (केएमएससीएल) के माध्यम से निविदा जारी कर मांगी गई दवाओं की खरीद की जाती है। फिर ठेका तय होने पर सफल बोलीदाता कंपनी को ऑर्डर दिया जाता है।’
मुख्यमंत्री ने तर्क दिया, ‘कंपनियां दवाओं की प्रकृति के आधार पर उनकी आपूर्ति करती हैं। यदि इस वर्ष दवाओं की कमी हुई है, तो ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पिछले वर्ष (पिछली वाम मोर्चा सरकार के दौरान) इंडेंट की प्रक्रिया ठीक से नहीं की गई थी। यह वर्तमान सरकार की वजह से पैदा हुआ संकट नहीं है।’
भाषा सुमित अविनाश
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