Tuesday, 24 May, 2022
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‘इस्लाम मुक्त दिल्ली’ की धमकी देने वाले हिंदूवादी नेता मनीष पहले थे ‘समाजवादी’, बनाना चाहते हैं हिंदू राष्ट्र

मनीष के मुताबिक, 'धर्म के नाम पर जब वारिस पठान, अकबरुद्दीन ओवैसी नफरत फैलाते हैं तो उन पर कार्रवाई नहीं होती लेकिन मेरे जैसे नौजवान हिंदू पर योगी सरकार की पुलिस एफआईआर दर्ज कर रही है. ये कैसी हिंदुओं की सरकार है.'

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लखनऊ: सोशल मीडिया पर बीते गुरुवार से एक वीडियो वायरल हो रहा जिसमें खुद को हिंदू आर्मी संगठन का चीफ बताकर लखनऊ के रहने वाले युवक मनीष यादव कह रहे हैं कि दिल्ली से अगर 5 मिनट के लिए पुलिस हटा दी जाए तो आप नेता ताहिर हुसैन समेत पूरी दिल्ली को इस्लाम मुक्त कर देंगे.

मनीष के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है. दिप्रिंट से बातचीत में मनीष ने बताया कि वह पहले समाजवादी पार्टी में थे लेकिन हिंदुत्व के प्रचार प्रसार के लिए उन्होंने 2018 में अलग होकर हिंदू आर्मी नाम का संगठन बना लिया.

एफआईआर के बावजूद अपने बयान पर कायम

24 वर्षीय मनीष के खिलाफ शुक्रवार को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और भड़काऊ पोस्ट डालने के आरोप में लखनऊ के सरोजनी नगर थाने में 153-A/505(2) आईपीसी व 66/67 आईटी एक्ट के तहत केस रजिस्टर किया गया है. दिप्रिंट से बातचीत में उसने बताया कि वह अपने बयान पर कायम हैं.


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उसने कहा कि दिल्ली हिंसा में पुलिस हिंसा भड़काने वालों पर उचित कार्रवाई नहीं कर रही है. सीएए के विरोध में वे लोग देश का विरोध कर रहे हैं, हिंदुत्व का विरोध कर रहे हैं. ऐसे लोगों पर कार्रवाई जरूरी है.

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कार्रवाई पठान, ओवैसी व कपिल मिश्रा पर भी हो

मनीष के मुताबिक, ‘धर्म के नाम पर जब वारिस पठान, अकबरुद्दीन ओवैसी नफरत फैलाते हैं तो उन पर कार्रवाई नहीं होती लेकिन मेरे जैसे नौजवान हिंदू पर योगी सरकार की पुलिस एफआईआर दर्ज कर रही है. ये कैसी हिंदुओं की सरकार है. इन्हें एक नौजवान से क्या दिक्कत. दिल्ली में कपिल मिश्रा पर क्यों नहीं कार्रवाई हुई. सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्हें वहां बीजेपी का बैकअप मिला हुआ है.’ मनीष का कहना है कि उन्होंने किसी को ठेस पहुंचाने के लिए वीडियो नहीं जारी किया बल्कि वह हिंदुओं की रक्षा करना चाहते हैं. दिल्ली के हालातों से आहत होकर उन्होंने वीडियो जारी किया है.

‘हिंदू आर्मी’ से हिंदू राष्ट्र बनाने का सपना

मनीष के मुताबिक, वह 2011 से 2017 के बीच सपा में रहे. उन्होंने समाजवादी पार्टी के हालातों से आहत होकर हिंदू आर्मी बनाई है. इसका दफ्तर लखनऊ में है और 70 हजार से अधिक इसके सदस्य हैं. इसकी वेबसाइट (www.hinduarmy.in) के जरिए मेंबरशिप ली जा सकती है. मनीष बताते हैं कि वह सपा में रहकर भी हिंदुत्व की बात करते थे इस कारण 2013 व 2016 में दो बार निलंबित भी किए गए. आखिरकार 2017 में उन्होंने पार्टी छोड़कर 2018 में अपना अलग संगठन बना लिया.


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वह भारत को हिंदू राष्ट्र के तौर पर देखना चाहते हैं. उनकी वेबसाइट में ‘हमारे बारे में’ काॅलम में एक पोस्ट लिखा है- ‘जागो हिंदू जागो’. भारत भविष्य में मुस्लिम देश बने उससे कहीं बेहतर है हिंदू राष्ट्र बनाया जाए. जब दिप्रिंट ने उनसे पूछा कि ऐसे भड़काऊ बातें बोलने का उन्हें अफसोस नहीं तो उनका कहना था कि वह अपने स्टैंड पर कायम हैं.

अमित शाह सबसे पसंदीदा नेता

मनीष जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से बेहद खुश हैं. पिछले महीने जनवरी में सीएए के समर्थन में लखनऊ में रैली भी कर चुके हैं. वह गृहमंत्री अमित शाह को अपना पसंदीदा नेता बताते हैं लेकिन उनकी शिकायत यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से है. वह उन्हें हिंदुओं का सबसे बड़ा नेता मानते थे लेकिन उन्हीं की सरकार में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है जिस कारण वह बेहद खफा हैं.

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2 टिप्पणी

    • Aur warish pathan,owaisi jaise gaddar Kya h?
      Jo desh ko todne ki baat krte h…aur hinduon ko marne ki baat krte h…

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