नई दिल्ली: पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को मणिपुर के तामेंगलांग जिले में “अज्ञात बंदूकधारियों” ने दो कुकी महिलाओं की हत्या कर दी. यह घटना तामेंगलांग और नोनी जिलों में कथित तौर पर नागा उग्रवादियों द्वारा चार कुकी नागरिकों की हत्या किए जाने के दो दिन बाद हुई.
पुलिस ने मृतकों की पहचान फलनेइचोंग उर्फ चोंगा सितल्हौ (78) और किमजालहिंग उर्फ किमनियो सिंगसों (28) के रूप में की. सितल्हौ दोपहर करीब 3 बजे लकड़ी इकट्ठा कर रही थीं, तभी हमलावरों ने उन पर गोली चला दी. नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद खेती में अपने माता-पिता की मदद करने के लिए घर लौट रही सिंगसों की भी उसी जगह हत्या कर दी गई.
कुछ घंटे बाद, रात करीब 10:30 बजे, सशस्त्र उग्रवादियों ने कांगपोकपी जिले के चावांगकिनिंग नगा गांव पर हमला किया. उन्होंने कम से कम दो घरों में आग लगा दी और सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी हुई.
इससे पहले, 27 अगस्त को कथित कुकी सशस्त्र समूहों ने कुकी बहुल कांगपोकपी जिले में चार नगा नागरिकों की हत्या कर दी थी.
मंगलवार के हमले की निंदा करते हुए कुकी-जो काउंसिल (KZC) ने कहा कि कुकी-जो नागरिकों की बार-बार हो रही हत्याओं ने “अस्वीकार्य और चिंताजनक रूप” ले लिया है और अब इन्हें अलग-अलग घटनाएं कहकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता.
काउंसिल ने एक बयान में कहा, “KZC इन हत्याओं को, जिनमें कथित तौर पर [नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (इसाक-मुइवा)] NSCN-IM और [जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (कामसन)] ZUF-K शामिल हैं, मणिपुर में कुकी-जो नागरिकों के खिलाफ बढ़ते हमलों के एक सिलसिले के रूप में देखती है. नागरिकों को लगातार निशाना बनाए जाने से इस बात की गंभीर चिंता पैदा होती है कि कुकी-जो समुदायों को डराने और उनके बसे हुए इलाकों से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है.”
इसने राज्य और केंद्र सरकारों से मांग की कि वे कमजोर स्थिति वाले नागरिकों की सुरक्षा करें, दोषियों को न्याय के कटघरे में लाएं और नागरिकों पर हमला करने वाले सशस्त्र समूहों के खिलाफ सख्त और कानूनी कार्रवाई करें.
विरोध के तौर पर KZC ने सभी कुकी-जो नागरिक संगठनों को बताया कि मणिपुर में नागा सशस्त्र समूहों द्वारा मारे गए किसी भी कुकी-जो व्यक्ति को अगले आदेश तक दफन नहीं किया जाएगा. उसने कहा कि ऐसे हर पीड़ित के शव को अगले निर्देश तक उपलब्ध सबसे नजदीकी कोल्ड-स्टोरेज सुविधा में सुरक्षित रखा जाएगा.
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