नई दिल्ली: कथित तौर पर ISI समर्थित गैंगस्टर शाहजाद भट्टी के बढ़ते नेटवर्क पर रोक लगाने के लिए गृह मंत्रालय (MHA) ने शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है.
गृह मंत्रालय का यह कदम देश के 14 राज्यों में 80 एफआईआर के सिलसिले में 200 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी के बाद आया है. इन गिरफ्तारियों से स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क की कथित “विघटनकारी हमले” करने की योजनाओं को नाकाम किया गया. 12 अगस्त को कई राज्यों में एक साथ अभियान चलाया गया था. इसमें राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया.
गृह मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया गया. इसमें आईईडी, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाली ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं, जिनका कथित तौर पर जासूसी के लिए इस्तेमाल किया गया था. कुल मिलाकर यूएपीए, बीएनएस, आर्म्स एक्ट, एनडीपीए एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट के तहत 80 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गईं.
दिप्रिंट ने पहले खबर दी थी कि भट्टी और उसके नेटवर्क को आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा गया है और इसे जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है.
Pursuing PM Shri @narendramodi Ji's vision of zero tolerance against terror, the MHA declares the Shahzad Bhatti Network as a terrorist organisation under the UAPA.
The group is involved in smuggling of arms, explosives and narcotics across borders, apart from inciting youths…
— गृहमंत्री कार्यालय, HMO India (@HMOIndia) September 16, 2026
गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह समूह केवल सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी में ही शामिल नहीं है, बल्कि आसानी से बहकाए जा सकने वाले युवाओं और छोटे अपराधों में शामिल लोगों को भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों और सांप्रदायिक सौहार्द को निशाना बनाने वाली आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाता भी है. मंत्रालय ने कहा कि इस सिंडिकेट ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नफरत फैलाने वाली सामग्री भी प्रसारित की है और इससे देश की आंतरिक सुरक्षा को गंभीर खतरा है.
गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है, “शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) आसानी से बहकाए जा सकने वाले युवाओं को कई तरह के लालच देकर कट्टरपंथी बना रहा है, उन्हें देश विरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित कर रहा है और अन्य प्रतिबंधित संगठनों और घोषित संस्थाओं के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों के लिए संसाधन जुटा रहा है.”
इसमें आगे कहा गया है, “शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) हिंसक गतिविधियों के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होती है. यह नेटवर्क उकसाने वाले संदेश फैलाने के लिए अलग-अलग डिजिटल संचार प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता है, जिससे देश की एकता और अखंडता के लिए गंभीर चुनौती पैदा होती है.”
इसमें आगे कहा गया है, “यह नेटवर्क आतंकवाद में शामिल है और भारत में आतंकवाद की अलग-अलग घटनाओं में हिस्सा ले चुका है.”
पूरे भारत में एसबीएन के खिलाफ दर्ज मामलों में एक्सप्लोसिव्स एक्ट, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, आर्म्स एक्ट, यूएपीए, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत दर्ज मामले शामिल हैं. नेटवर्क के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत भी कई मामले दर्ज हैं.
एक सूत्र ने कहा, “शाहजाद भट्टी नेटवर्क के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सभी राज्य और केंद्रीय एजेंसियों से सलाह-मशविरा करने के बाद यह फैसला लिया गया. वह देशभर में आतंकवाद से जुड़े कई मामलों में शामिल रहा है. इसके अलावा, उसने देशभर से हजारों युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और अपने नेटवर्क में भर्ती करने में कामयाबी हासिल की. ये युवा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और दूसरे राज्यों में कई मामलों में शामिल रहे हैं.”
भट्टी ने कथित तौर पर युवाओं को थोड़े पैसे का लालच देकर सुरक्षा प्रतिष्ठानों के पास सौर ऊर्जा से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कहा. इससे महत्वपूर्ण जगहों और लोगों पर निगरानी रखी जा सके और “मोलोटोव कॉकटेल फेंके जा सकें”. नेटवर्क ने कथित तौर पर स्थानीय लोगों को पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी करने और जासूसी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी पैसे दिए.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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