इंफाल, पांच जनवरी (भाषा) मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में सोमवार सुबह एक के बाद एक हुए दो विस्फोट में दो लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, पहला विस्फोट सुबह लगभग पौने छह बजे फौगाकचाओ थाना क्षेत्र के न्गाउकॉन इलाके में एक खाली पड़े मकान में हुआ और ऐसा संदेह है कि इसमें ‘इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस’ (आईईडी) का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस ने बताया कि मणिपुर में मई 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से यह मकान खाली पड़ा था, क्योंकि इसके मालिक अपने परिवार के सदस्यों के साथ एक राहत शिविर में रह रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, दूसरा विस्फोट सुबह करीब पौने नौ बजे उक्त मकान से लगभग 200 मीटर की दूरी पर हुआ, जहां स्थानीय लोग पहले विस्फोट की खबर सुनकर इकट्ठा हुए थे।
पुलिस ने बताया कि इस विस्फोट में सानाटोंबा सिंह और इंदुबाला देवी नाम के दो स्थानीय लोग घायल हो गए तथा उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, दोनों विस्फोट स्थल का निरीक्षण किया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट से नाराज स्थानीय लोगों की घटनास्थल पर पहुंचे सुरक्षाबलों के साथ तीखी बहस हुई। लोगों ने आरोप लगाया कि आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी होने के बावजूद इस तरह की लापरवाही चिंताजनक है।
अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय लोगों ने इलाके में बने एक अस्थायी सुरक्षा बंकर को भी ध्वस्त कर दिया।
घटना की निंदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग की।
पार्टी ने एक बयान में कहा, “हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और मणिपुर में शांति, सुरक्षा और कानून के शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।”
बयान में कहा गया है, “न्याय की जीत होगी। मणिपुर एकजुट है।”
स्थानीय विधायक प्रेमचंद्र सिंह ने कहा कि मणिपुर के लोग शांति चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के कृत्यों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को अंततः कानून के अनुसार उचित कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।’’
‘इंडिजनस पीपल ऑर्गनाइजेशन’ और ‘ऑल मणिपुर स्टूडेंट्स यूनियन’ सहित कई संगठनों ने विस्फोट के विरोध में मंगलावर को रात 12 बजे से राज्य भर में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
इस बीच, मेइती नागरिक संगठन ‘कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ (कोकोमी) ने विस्फोटों की तत्काल, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की तथा जांच के निष्कर्षों को सार्वजनिक करने को कहा।
संगठन ने अपराधियों और उन अधिकारियों की भी जवाबदेही तय करने की मांग की, जिनके कृत्यों या लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं हुईं।
संगठन ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए एक बयान में कहा कि यह घटना मौलिक मानवाधिकारों, संवैधानिक गारंटियों और कानून के शासन का गंभीर उल्लंघन है।
बयान के मुताबिक, “निहत्थे नागरिकों को निशाना बनाकर जानबूझकर किया गया यह कृत्य मौलिक मानवाधिकारों, संवैधानिक गारंटियों और कानून के शासन का गंभीर उल्लंघन है। अंधेरे की आड़ में एक परिवार को निशाना बनाना इस क्षेत्र में बे-रोकटोक सक्रिय सशस्त्र ‘नार्को-आतंकवादियों’ के खतरनाक और बार-बार दोहराए जाने वाले पैटर्न को दर्शाता है।”
भाषा जितेंद्र अविनाश वैभव
वैभव
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