नई दिल्ली/इंफाल: मणिपुर में हुए दर्दनाक ब्लास्ट में दो मासूम बच्चों की मौत के बाद सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना को दिल दहला देने वाला बताया और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए. वहीं मणिपुर सरकार ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपने का फैसला किया है.
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मणिपुर में तीन साल बाद भी हिंसा की आग में मासूम जल रहे हैं और शांति का कोई संकेत नहीं दिख रहा. उन्होंने लिखा कि बीएसएफ जवान के घर में सो रहे दो छोटे बच्चों की हत्या की खबर बेहद दुखद है. राहुल ने कहा कि मणिपुर के बच्चे भी देश का भविष्य हैं, लेकिन सरकार इस संकट को लेकर संवेदनहीन नजर आ रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री से ठोस और तुरंत कदम उठाने की मांग की. राहुल गांधी ने कहा कि सभी समुदायों को साथ लाकर ही इस संकट का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है.
NIA को सौंपी जाएगी जांच
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा कि ट्रोंग्लाओबी अवांग लैकाई में हुए बम हमले के मामले की जांच NIA को सौंपी जाएगी. उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शांति भंग करने की साजिश के तहत यह हमला किया गया लगता है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि आरोपियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है और उन्हें पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. राज्य पुलिस, असम राइफल्स और CRPF समेत सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है और हेलीकॉप्टर की मदद भी ली जा रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.
गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदास सिंह ने कहा कि शांति बहाल होते ही कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं. उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों को दोषियों को जिंदा या मृत पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं.
ब्लास्ट के बाद विरोध प्रदर्शन, इंटरनेट बंद
बिश्नुपुर जिले के ट्रोंग्लाओबी इलाके में संदिग्ध उग्रवादियों ने रात करीब 1 बजे एक घर पर हमला किया, जिसमें 5 साल के लड़के और 5 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां घायल हो गई और उनका इलाज चल रहा है.
घटना के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. प्रदर्शनकारियों ने इंफाल-तिदिम रोड को कई जगह जाम किया और कम से कम तीन ट्रकों में आग लगा दी. हालात को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है.
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मणिपुर के 5 जिलों— इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थोउबल, काकचिंग और बिश्नुपुर में 3 दिन के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. आशंका है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाह या भड़काऊ सामग्री फैल सकती है.
स्थानीय विधायक थोंगाम शांति सिंह ने घटना को अमानवीय बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई. पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मासूमों की मौत बेहद दर्दनाक है और दोषियों को जल्द सजा मिलनी चाहिए.
मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने अस्पताल जाकर घायल परिजनों से मुलाकात की और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया. सरकार ने मुआवजा देने की भी घोषणा की है.
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