मंगलुरु (कर्नाटक), 27 अक्टूबर (भाषा) इजराइल में काम करने वाला मंगलुरु का 41-वर्षीय एक व्यक्ति 16 अक्टूबर से लापता है। उसके परिवार ने उसे तलाशने के लिए तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास और इजराइली पुलिस से तत्काल मदद मांगी है।
मंगलुरु में पडिल के पास कन्नूर इलाके के कोडक्कल के निवासी शद्रक इमैनुएल, 16 मई 2025 को मंगलुरु की एक भर्ती एजेंसी के माध्यम से रोजगार वीजा पर इजराइल गए थे। वह नाजरथ के पास एक निजी कंपनी में काम कर रहे थे।
उनकी पत्नी डेजी इमैनुएल के अनुसार, परिवार की उनसे आखिरी बार 16 अक्टूबर को रात करीब आठ बजकर पांच मिनट पर ‘व्हाट्सऐप’ वीडियो कॉल के जरिये बात हुई थी। उसी रात आठ बजकर 49 मिनट पर उन्होंने आखिरी संदेश भेजा था।
परिवार के सदस्यों और इजराइल में रहने वाले उनके परिचितों ने उनसे संपर्क करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। उनका मोबाइल भी नहीं लग रहा है।
डेजी ने 21 अक्टूबर को भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और उनका पता लगाने के लिए इजराइली पुलिस तथा स्थानीय अधिकारियों के साथ तत्काल समन्वय करने का अनुरोध किया। परिवार ने मंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त के पास भी शिकायत दर्ज कराई है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि उनके मोबाइल फोन की लोकेशन और ब्राउजिंग हिस्ट्री से संकेत मिलता है कि लापता होने वाले दिन वह अपने कार्यस्थल से करीब 200 किलोमीटर दूर बीरशेबा की ओर गए थे।
परिवार को उनकी ‘ब्राउजिंग हिस्ट्री’ में हेब्रोन से संबंधित खोज भी मिलीं। परिवार ने आशंका जताई कि वह क्षेत्र में जारी अशांति की चपेट में आ गए होंगे, हालांकि उनके ठिकाने के बारे में अभी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।
इमैनुएल के दो छोटे बच्चे हैं। परिवार ने इजराइल में भारतीय समुदाय से मदद की अपील की है और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी मामले की जानकारी दी है।
मंगलुरु के सांसद कैप्टन बृजेश चौटा ने एक बयान में कहा कि उन्होंने नयी दिल्ली स्थित इजराइली दूतावास को पत्र लिखकर इमैनुएल का पता लगाने में परिवार की मदद करने का अनुरोध किया है।
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