नई दिल्ली: पंजाब के तरनतारन पुलिस ने बुधवार को स्थानीय निवासी मनजीत सिंह उर्फ ‘कट्टा’ को गिरफ्तार किया. उस पर एक कार पर अंधाधुंध गोलियां चलाने का आरोप है. कार में तीन स्थानीय लोग सवार थे, जिनमें एक एनआरआई भी शामिल था, जो हाल ही में अमेरिका से लौटा था. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. सीमावर्ती जिले के खेमकरण इलाके में हुई फायरिंग की घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
इस घटना में एनआरआई गुरसेवक सिंह की मौत हो गई, जबकि कार में सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों को खेमकरण के आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पंजाब पुलिस के सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि यह मामला गलत पहचान का हो सकता है. आरोपी कट्टा को हाल के दिनों में गैंगस्टरों से फिरौती की धमकियां मिली थीं. वह गुरसेवक सिंह और उसके दोस्तों की कार का पीछा करते हुए आया और उस पर गोलियां चला दीं.
तरनतारन के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “शुरुआती जांच से पता चलता है कि मनजीत सिंह उर्फ कट्टा ने कथित तौर पर कुछ अन्य लोगों के साथ पीड़ितों की गाड़ी का पीछा किया और खेमकरण के मुख्य बाजार में उनकी कार पर गोलियां चला दीं.” उन्होंने कहा, “उसे कथित तौर पर कई गैंगस्टरों से धमकियां मिल रही थीं. घटना से जुड़ी परिस्थितियों और फायरिंग के पीछे की वजह की जांच की जा रही है. पहली नजर में यह गलत पहचान का मामला लगता है.”
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र लांबा ने कहा कि घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है.
हालांकि, पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सुखनिंदर सिंह ने हत्या के पीछे किसी गैंगस्टर या फिरौती से जुड़े मामले की आशंका से इनकार किया. तरनतारन पुलिस ने हत्या, हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कट्टा को गिरफ्तार कर लिया है.
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