कोलकाता, 11 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को विपक्षी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर उनसे आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने को लेकर 15 जून को नयी दिल्ली में बुलाई गई बैठक में भाग लेने का अनुरोध किया।
बनर्जी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी सहित 22 विपक्षी नेताओं को एक पत्र भेजा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव ऐसे समय सभी प्रगतिशील विपक्षी दलों को राष्ट्रीय राजनीति के भविष्य के परिदृश्य पर विचार-विमर्श करने का सही अवसर प्रदान करता है, जब विभाजनकारी ताकतें देश को त्रस्त कर रही हैं।
बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने एक बयान में कहा, ‘‘हमारी माननीय अध्यक्ष ममता बनर्जी ने सभी प्रगतिशील विपक्षी ताकतों से राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर 15 जून को अपराह्न तीन बजे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, नयी दिल्ली में बैठक करने और भविष्य के कदमों पर विचार करने का आह्वान किया है।’’
बयान में कहा गया, ‘‘आगामी राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ मजबूत और प्रभावी विपक्ष की पहल के साथ एक संयुक्त बैठक में भाग लेने के लिए विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं से संपर्क किया है।’’
निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को घोषणा की थी कि राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए मतदान 18 जुलाई को होगा। इस चुनाव में निर्वाचक मंडल के 4,809 सदस्य-सांसद और विधायक मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के उत्तराधिकारी का चुनाव करेंगे।
बनर्जी ने अपने पत्र में कहा कि एक सुदृढ़ लोकतांत्रिक चरित्र वाले राष्ट्र को एक मजबूत और प्रभावी विपक्ष की आवश्यकता होती है, तथा सभी प्रगतिशील दलों को देश में विभाजनकारी ताकतों का विरोध करने के लिए एक साथ आने की जरूरत है।
उन्होंने पत्र में कहा, ‘विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों द्वारा विपक्षी नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि खराब हो रही है और भीतर कटु मतभेद पैदा हो रहे हैं। यह समय है कि हम अपने प्रतिरोध को मजबूत करें।’
यह घटनाक्रम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार खड़ा करने के लिए बनर्जी और द्रमुक, भाकपा, माकपा तथा आप के नेताओं के साथ परामर्श किए जाने के एक दिन बाद हुआ है।
भाजपा ने विपक्षी दलों को एकजुट करने के बनर्जी के आह्वान पर कहा कि इससे कोई परिणाम नहीं निकलेगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘हमने 2017 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान इस तरह के प्रयास देखे हैं, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। इस बार विपक्ष को हार का सामना करना पड़ेगा।’
राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से एक निर्वाचक मंडल के माध्यम से होता हैख् जिसमें संसद और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।
भाषा नेत्रपाल दिलीप
दिलीप
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