नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने मंगलवार को कहा कि महात्मा गांधी का जीवन “केवल भारत के लिए एक प्रकाश स्तंभ नहीं है।”
उन्होंने कहा कि करुणा, मानवता और मानव जाति की एकता का उनका संदेश दुनिया भर की सभ्यताओं के लिए एक संदेश है।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘गांधीजी का जीवन हमारे पूरे देश के लिए एक प्रकाशस्तंभ है। उनका जीवन केवल भारत के लिए ही एक पथप्रदर्शक नहीं है, बल्कि करुणा, मानवता और मानव जाति की एकता का उनका संदेश दुनिया और समय-समय पर सभ्यताओं के लिए एक संदेश है।’
यहां राजघाट पर महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘गांधीजी की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी पहले थीं। न्यायाधीशों के रूप में अपने काम के दौरान प्रतिदिन हमें करुणा, सार्वभौमिकता, सहिष्णुता और समानता के महत्व का एहसास होता है, जिसका गांधीजी ने अपने सभी कृत्यों और कार्यों और शब्दों में प्रचार किया था।’
आज ही के दिन 1948 में नाथूराम गोडसे ने गांधी की हत्या कर दी थी।
भाषा जोहेब दिलीप
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