मुंबई, 15 जून (भाषा) महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और शिवसेना के वरिष्ठ नेता अनिल परब धन शोधन के मामले में बुधवार को यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश नहीं हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
केंद्रीय एजेंसी ने रत्नागिरी जिले के तटीय दापोली में एक रिसॉर्ट के निर्माण में तटीय विनियमन क्षेत्र के प्रावधानों के कथित उल्लंघन से जुड़ी जांच के सिलसिले में परब को यहां अपने क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के लिए तलब किया था।
अधिकारियों ने मंगलवार को कहा था कि एजेंसी धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत परब का बयान दर्ज करना चाहती है।
परब के एक सहयोगी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि मंत्री ने ईडी के समन का जवाब मंगलवार को ही दे दिया था और इसलिए वह उसके समक्ष पेश नहीं हुए।
ईडी ने मई में परब और उनसे कथित रूप से जुड़े कुछ लोगों के परिसरों पर छापेमारी की थी। परब (57) महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य हैं और राज्य में संसदीय कार्य मंत्री हैं।
26 मई को छापेमारी के बाद ईडी ने परब से पूछताछ की थी और उनका शुरुआती बयान दर्ज किया था।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के कारण बताओ नोटिस में दापोली के रिसॉर्ट को ‘अवैध’ करार दिया गया था। इसका संज्ञान लेने के बाद ईडी ने मामला दर्ज किया था।
दापोली मुंबई से करीब 230 किलोमीटर दूर है और एक यह पर्वतीय इलाका है।
परब कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के कुछ अन्य आरोपों का भी सामना कर रहे हैं और उन्होंने कुछ भी गलत करने से इनकार किया है।
भाषा नोमान नरेश
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