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Tuesday, 28 April, 2026
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उपराज्यपाल का दस्तावेजों में पुरानी भाषा का इस्तेमाल खत्म करने का निर्देश

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नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पुलिस, भूमि एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे कामकाज में पुराने शब्दों का इस्तेमाल खत्म करें। इस कदम से प्राथमिकी एवं संपत्ति के पंजीकरण के कागज़ात की सामग्री लोगों को आसानी से समझ आ सकेगी।

सूत्रों ने बुधवार को बताया कि ‘व्यापार करने में आसानी’ पर अधिकारियों के साथ हाल में बैठक करते हुए सक्सेना ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार के साथ सार्वजनिक संपर्क आसान बनाएं ताकि लोगों को भाषा समझ आ सके।

एक सूत्र ने बताया, “उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों, खासकर पुलिस, भूमि और राजस्व विभागों, उप-पंजीयक कार्यालय, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और निचली न्यायपालिका के दस्तावेजों में इस्तेमाल की जा रही पुरातन भाषा को बदलने और लोगों की समकालीन भाषाई जरूरतों के मुताबिक अपडेट करने की आवश्यकता है।”

सूत्रों ने बताया कि पुलिस, भूमि एवं राजस्व समेत कई महकमों में पुरानी भाषा प्रारूप का इस्तेमाल होता है जिनमें ब्रिटिश काल के कानूनों के तहत फारसी और उर्दू के शब्दों की बहुलता होती है और कई लोगों को इनको समझने में दिक्कत होती है।

उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार के गृह एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को पुलिस के समन, प्राथमिकी, भूमि रिकॉर्ड, म्यूटेशन (दाखिल खारिज), रजिस्ट्री और अन्य कानूनी कागज़ातों की सामग्री की भाषा को ‘समयबद्ध’ तरीके से आसान बनाने का निर्देश दिया।

सूत्रों ने बताया कि सक्सेना ने यह भी सुझाव दिया कि सरकारी विभाग आधिकारिक कागजात की भाषा को सरल बनाने की कवायद शुरू कर दें, जबकि अदालतों से कानूनी मामलों और दस्तावेजों में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा को सरल बनाने का अनुरोध किया जा सकता है।

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को पेश किए जाने वाले सुधारों के लिए विभाग-वार सूची तैयार करने का भी निर्देश दिया, जिसे व्यवस्था को पारदर्शी और लोगों के अधिक अनुकूल बनाया जा सके।

संबंधित विभागों को ऐसे मामलों पर जनता की राय लेने का निर्देश दिया गया है और प्रतिपुष्टि (फीडबैक) और सुझावों की व्यवहार्यता के आधार पर विशिष्ट सुधार पेश किए जा सकते हैं।

अगस्त 2019 में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने शहर की पुलिस को प्राथमिकी में आसान भाषा इस्तेमाल करने को कहा था जो लोगों को समझ आ सके।

भाषा नोमान नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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