कुरुक्षेत्र, 21 अक्टूबर (भाषा) हरियाणा में कुरुक्षेत्र जिले के धुराला गांव में बुधवार को एक किसान ने कथित तौर पर खेत में बिजली के खंभे लगाए जाने का विरोध करते हुए खुद को आग लगा ली और उसे बचाने की कोशिश में उसकी बहन के हाथ जल गए।
धुराला गांव के रहने वाले किसान जगपाल सिंह को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर ले जाया गया।
किसान के परिवार ने बताया कि जगपाल गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
जगपाल के भाई रमेश कुमार ने बताया कि परिवार के चार भाइयों के पास आधा-आधा एकड़ के चार भूखंड हैं। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग ने जगपाल की जमीन पर चार खंभे लगाए थे और 33 किलोवाट तथा 11 किलोवाट की बिजली लाइन के लिए तीन और खंभे लगाने की योजना थी।
रमेश ने बताया कि जगपाल ने छह महीने पहले इस मुद्दे को लेकर अदालत में मामला दायर किया था और मामले की अगली सुनवाई चार नवंबर को तय है।
उन्होंने बताया कि बिजली विभाग के कर्मचारी अपराह्न लगभग 12:30 बजे पुलिस के साथ खेत में पहुंचे और खंभे लगाने शुरू कर दिए।
उन्होंने कहा कि जगपाल अपने परिवार के सदस्यों के साथ वहां पहुंचे और विरोध जताया।
रमेश ने आरोप लगाया कि जब कर्मचारी नहीं रुके, तो जगपाल पेट्रोल लेकर आए और खुद को आग लगा ली। उन्होंने कहा कि इस दौरान जगपाल को बचाने की कोशिश में उनकी बहन प्रीतो घायल हो गईं।
इस बीच बिजली विभाग के एसडीओ संदीप कुमार ने कहा कि अदालत का कोई स्थगन आदेश लागू नहीं था। उन्होंने कहा कि विवाद जगपाल और उनके एक पड़ोसी के बीच था, जिनके घर में बिजली आपूर्ति की समस्या थी।
उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ गई टीम दो खंभे लगाने गई थी और जब जगपाल ने खुद को आग लगाई, तब लगभग 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था।
अधिकारी ने परिवार के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि खंभे उनके खेत की सीमा पर लगाए जा रहे थे।
झांसा की थाना प्रभारी (एसएचओ) कुलबीर कौर ने कहा कि बिजली विभाग की टीम द्वारा सहायता मांगे जाने के बाद पुलिस उनके साथ गई थी।
उन्होंने कहा कि पुलिस इस घटना की जांच कर रही है।
भाषा जोहेब देवेंद्र
देवेंद्र
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.