बेंगलुरु: अपने विधानसभा क्षेत्र में खराब हो रही सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर हुई आलोचना के जवाब में कर्नाटक के एक कांग्रेस विधायक ने कहा कि उद्योगपतियों को खराब सड़कों की शिकायत करने के बजाय अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड को ऐसे विकास कार्यों के लिए देना चाहिए.
बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित अनेकल के कांग्रेस विधायक बी. शिवन्ना ने कहा कि यहां शहर के सबसे बड़े औद्योगिक इलाकों में से एक है. उन्होंने कहा कि कंपनियां करोड़ों रुपये कमाती हैं, लेकिन सड़कों की मरम्मत और दूसरे कामों के लिए पैसे देने को तैयार नहीं हैं.
शिवन्ना ने सोमवार को दिप्रिंट से कहा, “वे हजारों करोड़ रुपये कमाते हैं. उनसे कहिए कि वे हमें कुछ पैसा दें, ताकि हम सड़कों की मरम्मत और इन इलाकों में दूसरे विकास कार्य कर सकें.”
उनका यह बयान Biocon की प्रमुख किरण मजूमदार शॉ की एक्स पर की गई पोस्ट के जवाब में आया. शॉ ने विधायक की आलोचना करते हुए कहा था कि उन्होंने मिले फंड का इस्तेमाल “दूसरे कामों” में किया और अपने क्षेत्र की खराब हो रही सड़कों को ठीक नहीं कराया. शॉ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “@MLAShivanna को इस अनदेखी के बारे में कई सालों से बताया गया है, लेकिन उनके पास अच्छी सुविधाएं देने के लिए संसाधन नहीं हैं, क्योंकि इनका इस्तेमाल दूसरे ऐसे कामों में किया गया है, जिनसे नागरिकों को फायदा नहीं हुआ.”
@MLAShivanna has been informed of this neglect for years but he does not have the resources to provide decent infrastructure as it has been used for other things that have not benefited citizens. https://t.co/qLYO2EyV4x
— Kiran Mazumdar-Shaw (@kiranshaw) August 24, 2026
उन्होंने यह प्रतिक्रिया इलाके के लोगों की उन पोस्ट पर दी, जिनमें सड़कों की खराब हालत के बारे में बताया गया था.
एक पोस्ट में लिखा था, “हर दिन हज़ारों कारें और स्कूल बसें, यहां तक कि BMTC की MF बसें भी इस सड़क से गुजरती हैं. यह बहुत खतरनाक और जानलेवा है. कृपया तुरंत कार्रवाई करें.”
बेंगलुरु में रुक-रुककर हो रही बारिश ने भारत की आईटी कैपिटल की समस्याओं को सामने ला दिया है. यहां गड्ढे, खराब होती सड़कें और नागरिक सुविधाओं को लेकर प्रशासन की लापरवाही आम बात हो गई है.
डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बावजूद सड़कों और दूसरी सुविधाओं की स्थिति में ज्यादा बदलाव नहीं आया है.
शॉ की पोस्ट के करीब एक हफ्ते पहले ही बेंगलुरु के हेब्बागोडी में 32 साल की एक महिला की एक व्यावसायिक वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई थी. वह करीब 12 किलोमीटर दूर अनेकल के अंतर्गत आने वाली डोड्डामारा रोड पर एक गड्ढे से बचने की कोशिश करते समय अपने दोपहिया वाहन से नियंत्रण खो बैठी थी.
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया. उन्होंने अधिकारियों पर सड़कों की खराब हालत को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया.
हेब्बागोडी के पास अनंतनगर के लोगों ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए अधिकारियों ने सड़क खोद दी थी. बाद में सड़क पर डामर नहीं डाला गया और उसे ऐसे ही भर दिया गया. इससे सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं.
शिवन्ना ने कहा कि उन्होंने सीएसआर फंड मांगने के लिए शॉ से कई बार संपर्क किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. उन्होंने कहा, “हमें नहीं पता कि वे अपने सीएसआर फंड को कहां खर्च करते हैं—झीलों, गाद निकालने जैसे कामों पर—लेकिन सड़क की हालत सुधारने में मदद के लिए हमें पैसा नहीं देंगे.”
जब विधायक से पूछा गया कि वह सरकार से मिलने वाले पैसे के बजाय CSR फंड पर निर्भर क्यों हैं, तो उन्होंने कहा कि ये ऐसी समस्याएं हैं जो बार-बार आती हैं और इनके लिए काफी ज्यादा पैसे की जरूरत होती है.
उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “हमें सरकार से पैसा मिल रहा है, लेकिन कितना मिल सकता है? हम सड़कों पर डामर डालते हैं और बारिश के साथ वह खराब हो जाता है और फिर वही समस्याएं वापस आ जाती हैं.”
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