तिरुवनंतपुरम, दो फरवरी (भाषा) केरल के राजस्व मंत्री के. राजन ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि हर घर नल से जल प्रदान करने के लिए ‘जल जीवन मिशन’ (जेजेएम) के तहत केंद्र से प्राप्त राशि की तुलना में राज्य ने अधिक धनराशि खर्च की है।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक एन. शम्सुद्दीन द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में राजन ने कहा कि जहां केंद्र सरकार ने जेजेएम के तहत लगभग 5,500 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं, वहीं, राज्य सरकार ने इस परियोजना पर लगभग 8,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य ने परियोजना को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 9,000 करोड़ रुपये का ऋण भी लिया था।
मंत्री ने कहा, ‘हमने इस योजना के तहत 70 लाख घरों को पानी का कनेक्शन प्रदान करने का निर्णय लिया है। इनमें से 17 लाख कनेक्शन जेजेएम से पहले ही मौजूद थे। योजना शुरू होने के बाद 21 लाख घरों को नये कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।’
राजन ने बताया कि करीब आठ लाख घरों तक पाइपलाइन बिछा दी गई है, लेकिन शोधन संयंत्रों का काम अभी जारी रहने के कारण जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है।
जेजेएम के तहत काम करने वाले ठेकेदारों के भुगतान में हो रही देरी पर मंत्री ने कहा कि यह गलत धारणा है कि केंद्र और राज्य प्रत्येक ने 50 प्रतिशत धन का योगदान दिया है
राजन ने कहा, ‘वास्तव में, केरल ने केंद्र के हिस्से से ज्यादा खर्च किया है। ठेकेदारों को जिन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, उसे नाबार्ड से लिये गए 9,000 करोड़ रुपये के ऋण से हल किया जाएगा।’
हालांकि, रविवार को केंद्रीय बजट पेश होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि केरल को नयी प्ररियोजनाओं की मांग करने से पहले जेजेएम के तहत आवंटित राशि सहित केंद्र द्वारा दी गई राशि का उपयोग करना चाहिए।
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प्रचेता दिलीप
दिलीप
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