कंजीरापल्ली, 24 फरवरी (भाषा) कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने मंगलवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर सरकारी कर्मचारियों व शिक्षकों के निजी डेटा को ‘लीक’ करने का आरोप लगाया तथा मामले की आपराधिक जांच की मांग की।
विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए दावा किया कि बिना सहमति के निजी जानकारी लीक करना गैरकानूनी है और अदालत के निर्देशों का उल्लंघन है।
सतीशन की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब खबरें आ रही हैं कि सरकारी कर्मचारियों को मुख्यमंत्री से मोबाइल संदेश मिले हैं, जिनमें उन्हें महंगाई भत्ता (डीए) के हालिया भुगतान की याद दिलाई गयी है।
उन्होंने आरोप लगाया, “डेटा एक बहुमूल्य संपत्ति है। लीक हुए डेटा का दुरुपयोग किया जा सकता है। इसे बेचा भी जा सकता है। क्या मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठे लोग इस बात से अनभिज्ञ हैं कि डेटा एक बहुमूल्य संपत्ति है? डेटा लीक में माकपा नेतृत्व और मुख्यमंत्री की भूमिका है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसे डेटा का उपयोग कर किसी को भी संदेश नहीं भेजे जाने चाहिए और उन्होंने डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सतीशन ने आरोप लगाया कि सरकारी प्रणालियों का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने माकपा पर चुनाव प्रचार के लिए सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया।
सतीशन ने वित्तीय बाधाओं के बावजूद बड़े पैमाने पर खर्च का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के खजाने पर दबाव के बावजूद विज्ञापनों और चुनाव संबंधी गतिविधियों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कल्याणकारी निधियों और सहकारी बैंकों सहित विभिन्न स्रोतों से ऋण लेकर धनराशि जुटाई जा रही है।
सतीशन ने कहा कि उनकी पार्टी करदाताओं के धन का चुनावी लाभ के लिए उपयोग करने के किसी भी प्रयास को कानूनी और राजनीतिक दोनों तरह से चुनौती देगी।
उन्होंने हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा ‘नवा केरल’ सर्वेक्षण को रद्द करने के फैसले का भी उल्लेख किया और कहा कि विपक्ष उच्चतम न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को हटाने का अनुरोध करेगा।
भाषा जितेंद्र रंजन
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