तिरुवनंतपुरम, 27 अगस्त (भाषा) केरल में पिछले 200 दिनों से अपने मानदेय और सेवानिवृत्ति लाभों में वृद्धि की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं ने उनकी स्थिति का अध्ययन करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति की कथित सिफारिशों का स्वागत किया।
समिति ने कथित तौर पर उनके मानदेय में 3,000 रुपये की बढ़ोतरी की सिफारिश की है और मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) को सेवानिवृत्ति के बाद लाभ के रूप में एक लाख रुपये प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है।
केरल आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता संघ (केएएचडब्ल्यूए) की महासचिव एम ए बिंदु ने कहा कि वे समिति की सिफारिशों का स्वागत करती हैं क्योंकि वे संकेत देती हैं कि उनकी मांगें उचित हैं।
इस संघ के सदस्य ही अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा, ‘‘हमें समिति की सिफारिशों की वास्तविक विषय-वस्तु की जानकारी नहीं है। लेकिन, हम उम्मीद करते हैं कि वेतन में बढ़ोतरी होगी, जिससे केरल जैसे राज्य में निर्वाह करने में हमें मदद मिलेगी, जहां जीवनयापन की लागत अधिक है।’’
मीडिया में आयी खबरों के अनुसार, केंद्र सरकार ने हाल ही में मिशन संचालन समूह (एमएसजी) की नौवीं बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के लिए निश्चित मासिक प्रोत्साहन राशि 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। खबरों में यह भी बताया गया है कि केंद्र सेवानिवृत्ति लाभों में भी वृद्धि करेगा।
आशा कार्यकर्ताओं का एक वर्ग 10 फरवरी से सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहा है, तथा राज्य द्वारा दिए जाने वाले मानदेय को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने तथा सेवानिवृत्ति के बाद पांच लाख रुपये का लाभ देने की मांग कर रहा है।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.