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Tuesday, 21 April, 2026
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केरल के मंत्री गणेश कुमार ने माफी मांगी, शिकायत को आगे नहीं बढ़ाउंगी : पत्नी

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तिरुवनंतपुरम, 10 मार्च (भाषा) केरल के परिवहन मंत्री के. बी. गणेश कुमार की पत्नी बिंदु मेनन ने मंगलवार को कहा कि वह अपने पति के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत को आगे नहीं बढ़ाएंगी, क्योंकि मंत्री ने अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांग ली है।

मंत्री की पत्नी का यह फैसला चुनावी राज्य केरल में सत्तारूढ़ माकपा-नीत एलडीएफ के लिए राहतकारी है। हालांकि राज्य विधानसभा अध्यक्ष ए. एन. शमसीर ने कहा कि चूंकि दंपति इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए यह “अध्याय समाप्त” हो गया है।

शमसीर ने कहा कि अब इस मामले को जनता जनार्दन पर छोड़ा जा सकता है, जो आगामी विधानसभा चुनावों में मतदान कर इस पर फैसला करेगी। विधानसभा चुनाव के लिये जल्द ही तिथियां घोषित होने की संभावना है।

इस बीच, कांग्रेस ने मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज कर दी। पार्टी ने कहा कि इस मसले को इतनी आसानी से खत्म नहीं किया जा सकता।

वहीं, दूसरी ओर मंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस्तीफा देने का उनका कोई इरादा नहीं है।

बिंदु मेनन ने एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा कि जब उन्होंने मंत्री के फोन नहीं उठाए तो उन्होंने मेनन की बहन को फोन कर “भावनात्मक रूप से बात की।”

मंत्री की पत्नी ने कहा ‘‘वह बहुत भावुक हो कर बोले कि उनकी ओर से गलती हुई है। विवाह होने के इतने वर्षों के दौरान बहुत सी गलतियां हुईं लेकिन मैंने कभी नहीं कहा कि मैं उन्हें छोड़ रही हूं या मीडिया में जाऊंगी या मैं कानूनी कदम उठाऊंगी।’’

उन्होंने कहा, “मेरा कभी भी उनकी या सरकार की छवि खराब करने का इरादा नहीं था। मैंने भावनात्मक आवेश में यह बात कही थी। मैं शिकायत को आगे नहीं बढ़ा रही हूं, क्योंकि उन्होंने फोन कर कहा कि हम इस मुद्दे को आपस में सुलझा सकते हैं। मैं इसी का इंतजार कर रही थी। निश्चित रूप से मैं शिकायत पर आगे कदम नहीं बढ़ाऊंगी। हम इसे खुद ही सुलझा लेंगे।’’

बिंदु मेनन ने कहा कि मंत्री के साथ विवाह के बाद बीते 13 साल में कई मुद्दे उठे लेकिन यह ऐसा कारण नहीं है जिसके चलते वह अपना संबंध विच्छेद कर लें।

उन्होंने कहा कि मंत्री ने बेवफाई के उनके दावे को खारिज कर दिया जिसके बाद उन्होंने (बिंदु ने) आपात प्रतिक्रिया सहयोग व्यवस्था यानी 112 पर फोन किया। लेकिन मंत्री ने पत्नी के इस कदम को ‘‘पागलपन’’ बताया। बिंदु ने कहा कि इसके बाद वह भावनात्मक रूप से उद्वेलित हो गईं।

बिंदु मेनन ने कहा ‘‘जीवन में हम सभी गलतियां करते हैं और चूंकि वह मंत्री हैं तो यह बात सब जानना चाहते हैं कि उन्होंने क्या किया है। मंत्री को जनता से माफी मांगने की जरूरत नहीं है। अगर मैं उनके साथ रहती हूं तो उन्हें मुझसे माफी मांगने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा ‘‘मेरा इरादा बदला लेने का और शिकायत पर आगे जाने का नहीं है क्योंकि मेरे लिए यह कहना आसान है कि मुझे कुछ नहीं चाहिए और मैं इस मामले में आगे बढूंगी। मैं यह बहुत पहले कर सकती थी लेकिन नहीं किया क्योंकि मैं उन्हें बहुत प्यार करती हूं।’’

मेनन ने अनुरोध किया कि कोई भी इस मामले पर सोशल मीडिया पर चर्चा न करे।

इस बीच कांग्रेस ने के. बी. गणेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की है। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि गणेश कुमार का मामला केवल पारिवारिक विवाद नहीं है, जिसे खत्म किया जाए। उन्होंने मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की।

दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “यदि मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो मुख्यमंत्री को चाहिए कि उन्हें हटा दें।”

सनी जोसेफ ने कहा कि सरकार, मुख्यमंत्री और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब इसी तरह के आरोप गणेश कुमार पर यूडीएफ सरकार के समय लगाए गए थे, तब उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।

उन्होंने दावा किया, ‘‘यह केवल सरकार का दोहरा मानदंड नहीं है, बल्कि जनता के साथ विश्वासघात भी है।’’

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला और के मुरलीधरन, तथा पार्टी की सांसद जेबी मैथर ने भी प्रदेश अध्यक्ष से सहमति जतायी।

सतीशन ने उल्लेख किया कि जब भी कांग्रेस नेताओं के खिलाफ ऐसे आरोप लगे, तो उन्हें पार्टी से हटा दिया गया या किनारे कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि 2013 में, जब कुमार को इसी तरह के पारिवारिक मामलों का सामना करना पड़ा था, तब माकपा और पिनराई विजयन ने उन्हें ओमान चांडी सरकार की कैबिनेट से इस्तीफा देने की मांग की थी।

सतीशन ने कहा कि उस समय कुमार से इस्तीफा मांगा गया था।

उन्होंने कहा, “अब वही लोग कह रहे हैं कि कोई कार्रवाई आवश्यक नहीं है क्योंकि यह पारिवारिक मामला है।”

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमारी कथनी और करनी एकसमान होती है। लेकिन वे (माकपा ओर एलडीएफ) सिर्फ बातें करते हैं।’’

विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘इससे न केवल सरकार के दोहरे रवैया का पता चलता है, बल्कि यह जनता के साथ विश्वासघात भी है।’’

चेन्निथला और मुरलीधरन ने अलग-अलग प्रतिक्रियाओं में कहा कि वे यह देखने के लिये इंतजार कर रहे हैं कि गृह विभाग संभालने वाले मुख्यमंत्री इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।

वहीं, जेबी मैथर ने सवाल उठाया कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और माकपा की महिला नेता चुप क्यों हैं।

इस बीच, श्री नारायण धर्म परिपालना योगम के महासचिव वी नटेसन ने भी कुमार से त्यागपत्र की मांग की।

कुमार ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि जब वर्तमान सरकार का कार्यकाल समाप्त होने में केवल कुछ ही दिन बचे हैं, तो वह इस्तीफा देने वाले नहीं हैं।

उन्होंने इस संबंध में खबरों को “मीडिया की अटकलें” भी बताया।

इस मुद्दे पर आज दिन में कुमार के खिलाफ पथानमथिट्टा में यूडीएफ, केएसयू, युवा कांग्रेस और महिला कांग्रेस की ओर से विरोध मार्च निकाले गए।

इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से मंत्री के इनकार करने के बाद बिंदु मेनन ने सोमवार को उन पर व्याभिचार के आरोप लगाए थे।

उन्होंने कहा था कि 2014 में गणेश कुमार के साथ शादी के बाद से ही वैवाहिक समस्याएं रही हैं।

केरल कांग्रेस (बी) के नेता गणेश कुमार ने अपनी पहली पत्नी यामिनी थंकाची से कानूनी रूप से अलग होने के बाद 2014 में बिंदु मेनन से विवाह किया था।

उन्होंने यह भी कहा कि गणेश कुमार के कई महिलाओं के साथ संबंध होने के कारण वह पिछले कई महीनों से अलग रह रही थीं।

कुमार ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को चुनाव नजदीक आने के कारण “राजनीति से प्रेरित” बताते हुए खारिज कर दिया।

भाषा रंजन रंजन पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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