श्रीनगर, 11 जनवरी (भाषा) कश्मीर में शीत लहर की स्थिति और भीषण हो गई है और न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे गिर गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
तापमान शून्य से नीचे पहुंचने और आसमान साफ रहने के कारण डल झील और अन्य जल स्रोतों के कुछ हिस्से जम गए।
श्रीनगर में शनिवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के शून्य से 5.7 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान से थोड़ा अधिक था।
जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में बृहस्पतिवार को इस मौसम की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई थी और न्यूनतम तापमान शून्य से छह डिग्री सेल्सियस नीचे तक चला गया।
दक्षिण कश्मीर में शोपियां घाटी का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 8.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 7.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग में रात में तापमान शून्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जो पिछली रात के शून्य से 6.8 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान से अधिक था।
वहीं, मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के सोनमर्ग में तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि काजीगुंड में यह शून्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
कश्मीर में वर्तमान में ‘चिल्ला-ए-कलां’ का प्रकोप जारी है। इस दौरान 40 दिन भीषण ठंड रहती है और रात का तापमान अक्सर जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे गिर जाता है तथा बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक रहती है।
पिछले साल 21 दिसंबर को शुरू हुआ ‘चिल्ला-ए-कलां’ 30 जनवरी को समाप्त होगा। घाटी के मैदानी इलाकों में इस मौसम में अब तक बर्फबारी नहीं हुई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि 21 जनवरी तक मौसम शुष्क लेकिन बादल छाए रहने की संभावना है।
भाषा सुरभि वैभव
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