वाराणसी (उप्र), 12 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि वाराणसी से डिब्रूगढ़ के लिए रिवर क्रूज गंगा विलास के उद्घाटन के साथ काशी नये युग में प्रवेश करेगी।
उद्घाटन की पूर्व संध्या पर श्रीकाशी विश्वनाथधाम में आयोजित सुर सरिता– ‘गंगा की स्वर समता’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्रवार को वाराणसी से डिब्रूगढ़ के लिए रिवर क्रूज गंगा विलास के उद्घाटन के साथ काशी नये युग में प्रवेश करेगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी मौजूद रहीं। इस दौरान मशहूर गायक और संगीतकार शंकर महादेवन ने संगीतमय प्रस्तुतियां दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी ने विगत आठ साल में अपनी आत्मा को बनाए रखते हुए एक नये कलेवर में अपने आप को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया है। शिक्षा और स्वास्थ्य के सबसे बड़़े केंद्र के साथ ही अब काशी थल और नभ मार्ग के साथ साथ जलमार्ग से जुड़ने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, ‘‘रिवर क्रूज गंगा विलास की 52 दिनों की तीन हजार किलोमीटर की दूरी की यात्रा यहां से प्रारंभ हो रही है। जलमार्ग के साथ हम न केवल यात्री सेवा बल्कि कार्गो सेवा को भी यहां से प्रारंभ कर पाएंगे। प्रधानमंत्री के कारण आज पूर्वी जलमार्ग से काशी जुड़ चुकी है।’’
आदित्यनाथ ने गंगा विलास क्रूज यात्रा के लिए सभी स्वीडिश यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘इस यात्रा के साथ उन्हें पर्यटन, एडवेंचर और जलमार्ग का रोमांचकारी आनंद मिलेगा। साथ ही भारत के आतिथ्य और सत्कार सेवाओं का भी वे अनुभव करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि इस क्रूज यात्रा से काशी ही नहीं, बल्कि भारत के पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 जनवरी को वाराणसी में गंगा के तट पर दुनिया के सबसे बड़े नदी क्रूज एम.वी. गंगा विलास को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके अलावा वह ‘टेंट सिटी’ का भी उद्घाटन करेंगे। एम.वी. गंगा विलास 13 जनवरी को वाराणसी से रवाना होकर 51 दिन में करीब 3200 किलोमीटर का सफर तय करेगा। इस दौरान वह बांग्लादेश भी जाएगा और दोनों देशों की 27 नदी प्रणालियों को पार करेगा।
भाषा सलीम आशीष
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