बेंगलुरु, छह जून (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने शनिवार को नवगठित कांग्रेस सरकार में विभागों के आवंटन को लेकर असंतोष कम करने की कोशिश की और विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार और पार्टी नेतृत्व वरिष्ठ नेताओं रामलिंगा रेड्डी और के एच मुनियप्पा द्वारा उठाए गए मुद्दों को हल कर लेंगे।
परमेश्वर की ये टिप्पणियां रेड्डी द्वारा मंत्रिमंडल से विभागों के आवंटन को लेकर इस्तीफे की घोषणा और मुनियप्पा द्वारा विभागों के आवंटन पर सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त करने के बाद उत्पन्न असंतोष को शांत करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बीच आईं।
परमेश्वर ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री और कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष इस मामले को देख लेंगे। किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं है। वे इसे संभाल लेंगे।’’
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिवकुमार ने रेड्डी से पहले ही बातचीत शुरू कर दी है और आगे की चर्चा के संकेत दिए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री उनसे पहले ही मिल चुके हैं और नव नियुक्त पार्टी अध्यक्ष भी इस मामले को संभाल लेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति में ऐसी बातें स्वाभाविक रूप से होती हैं। हमारा काम बस इन्हें सुलझाना और आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि हमें सुशासन प्रदान करना होगा। हम उसी के अनुसार आगे बढ़ेंगे।’’
इस मुद्दे को सुलझाने के लिए आगे के प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘वह उनसे एक बार फिर मिलेंगे।’’
वरिष्ठ मंत्री के.एच. मुनियप्पा के असंतोष की खबरों पर परमेश्वर ने किसी भी गंभीर समस्या की आशंका को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुनियप्पा के साथ कोई समस्या नहीं है। कल जब हम सब साथ थे, तो राहुल गांधी ने मुनियप्पा से पूछा कि क्या कोई समस्या है। उन्होंने जवाब दिया कि कोई समस्या नहीं है।’’
उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री के रूप में अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बात करते हुए परमेश्वर ने कहा कि उन्होंने विभाग के कामकाज की समीक्षा शुरू कर दी है और जल्द अगले दो वर्षों के लिए एक रूपरेखा तैयार करेंगे।
भाषा सुरभि गोला
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